मिंकी की पायल
Champak - Hindi|August Second 2021
एक बार की बात है, शहर में एक धनी व्यापारी रहता था. वह अनाज का व्यापार करता था. शहर के लोग उसे धन्ना सेठ कहते थे. छिटकू नाम का एक चूहा उन के गोदाम में अपने कुछ दोस्तों के साथ रहता था. वे गोदाम में रखी अनाज की बोरियों में छेद कर आराम से अनाज चुराते और वहीं अपने बिलों में घुस कर सो जाते थे. वे बड़े आराम से जीवन जी रहे थे.
आशा शर्मा

इन में छिटकू कुछ ज्यादा ही नटखट और शरारती था. कभीकभी वह दीवार से सटी पाइपलाइन के सहारे ऊपर चढ़ कर सेठ के घर में भी पहुंच जाता था. सेठ की पोती चिनिया का बेडरूम उसे बहुत अच्छा लगता था. वह जब चिनिया के बेडरूम में गया तो तब वह टीवी पर कार्टून देख रही थी. छिटकू भी सोफे के पीछे छिप कर टीवी देखता.

एक दिन उस ने देखा कि चिनिया के कमरे में कई रंगबिरंगी किताबें रखी हैं. रात को छिटकू धीरे से उन के पास गया और सूंघने लगा. 'वाह, इन में से कितनी अच्छी सुगंध आ रही है. शायद कोई स्वादिष्ठ चीज है,' सोचते हुए छिटकू ने जरा सा चख कर देखा तो मजा आ गया. रात भर उस ने सारी किताबें कुतर डाली.

सुबह जब चिनिया उठी और उस ने अपनी किताबों का हाल देखा तो वह जोर से रोने लगी. सेठ को चूहों पर बहुत गुस्सा आया. उस ने चिनिया को नई किताबें ला कर दी और दूसरे ही दिन मिंकी बिल्ली को ला कर अपने गोदाम में छोड़ दिया. इतने सारे चूहों को एकसाथ देख कर मिंकी खुशी से नाचने लगी. उस ने अपनी लंबी पूंछ ऊपर कर पूरे गोदाम का एक चक्कर लगाया और घात लगा कर एक चूहे का शिकार भी कर लिया.

मरा हुआ चूहा देख कर सेठ बहुत खुश हुआ. उस ने इनाम के रूप में मिंकी के लिए दूध से भरा कटोरा गोदाम में रखवा दिया.

अब तो मिंकी हर दिन एकदो चूहों को अपना शिकार बनाने लगी. चूहों में खलबली मच गई. उन का बिल से बाहर निकलना मुश्किल हो गया. अनाज न मिलने से वे कमजोर होने लगे. अब कमजोर चूहों का शिकार करने में मिंकी को और भी ज्यादा मजा आने लगा. वह पहले उन्हें डराडरा कर दौड़ाती और जब वे हांफने लगते तो पंजा मार कर उन का शिकार कर लेती.

छिटकू को मिंकी के आने से कोई खास फर्क नहीं पड़ा. वह अब भी पाइप के सहारे चिनिया के कमरे में जाता और टीवी देखता, लेकिन अब उस ने चिनिया की चीजों को नुकसान पहुंचाना बंद कर दिया था.

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM CHAMPAK - HINDIView All

बदलाव स्वीकार करें

मधु उनींदी आंखों से उठी और उस ने बहुत थकान महसूस की, क्योंकि उसे स्कूल के लिए तैयार होना पड़ रहा था. उसे स्कूल में होने वाले वार्षिक क्विज कंपीटिशन की चिंता हो रही थी इसलिए उसे सिर में दर्द महसूस हो रहा था. साल के आखिर में प्रत्येक कक्षा से चुने हुए बच्चों को एकदूसरे के विरुद्ध टीम में प्रतियोगिता के कई राउंड बाद चुना जाता है.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

मिस यू स्टूडेंट्स

कोरोना महामारी की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे थे. उन्हें घर पर औनलाइन ही पढ़ाई करनी पड़ती है. स्कूल ग्राउंड जो आमतौर पर छात्रों की दौड़भाग और खेलकूद से गुलजार रहता था, लेकिन अब एकदम शांत है.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

निरहू ने लिखी कहानी

निरहू उत्तर प्रदेश के जिला बलरामपुर के एक छोटे से गांव कोडारी में रहता था. उसे अपनी साइकिल और गन्ने के खेतों से बहुत प्यार था. उस की मां एक किसान थीं और पिता शहर में मजदूर थे.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

एक क्षण की कीमत

27 जून, 1964 को केरल के कोझिकोड जिले के पय्योली गांव में एक बच्ची ने जन्म लिया. उस का नाम ऊषा रखा गया. ऊषा के पिता का नाम ई.पी.एम. पैथल तथा माता का नाम टी.वी. लक्ष्मी था. उस के जन्म के समय घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. उस के पिता की कपड़ों की एक छोटी सी दुकान थी और 6 बच्चे थे, इसलिए उन्हें परिवार 6 के भरणपोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. इस की वजह से ऊषा कुपोषण का शिकार हो गई और बीमार रहने लगी.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

मायरा की जीत

इस साल मायरा 8वीं कक्षा में आ गई थी. पिछले एक साल से वह बैडमिंटन खेलने का प्रशिक्षण ले रही थी. अकसर जब मायरा एक हाथ में बैडमिंटन रैकेट पड़ती थी तो दूसरे हाथ में बड़ी सी ट्रोफी की कल्पना में खो सी जाया करती थी.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

कोको का सपना

कोको भारत के केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में समुद्र के किनारे ऊंचे नारियल के पेड़ों पर अपनी बहनों के साथ रहते हुए बड़ा हो रहा था, अभी वह एक छोटा नारियल था.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

कुंडली गिरोह

पीकू बंदर के घर काफी समय बाद एक बच्चे सुंदर का जन्म हुआ. इसलिए वह अपने बेटे सुंदर को जान से भी ज्यादा प्यार करता था.

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

लकड़ी की डंडियों के सहारे सीखा मैथ्स

डमरू गधे ने अपनी मम्मी से कहा, “मम्मी, मेरे सिर में दर्द है. आज मैं स्कूल नहीं जाऊंगा."

1 min read
Champak - Hindi
September First 2021

जिहान, अयान और मच्छर

"अरे, मेरा मौस्किटो रैकेट कहां है?" जिहान अपने बिस्तर से उठा और रैकेट लेने दौड़ा. वह रैकेट ले कर डौस्की काले मच्छर की तलाश में वापस आया और छिप गया था. जिहान बैठ गया. वह थक गया था लेकिन उस ने हौसला नहीं छोड़ा. वह कुर्सी पर बैठ गया और देखने लगा. उस की आंखें कमरे में चारों तरफ उस शैतान मच्छर को ढूंढ़ रही थी.

1 min read
Champak - Hindi
August Second 2021

यादगार ट्रिप

पंकज आज बहुत खुश नजर आ रहा था. न तो उस की कोई लौटरी लगी थी और न ही उसे कोई बड़ा गिफ्ट मिला था. खुशी मानो उस के चेहरे से टपक रही थी. बात बस इतनी सी थी कि उस के दोस्त सुधीर ने उसे अपने गांव आने का न्योता दिया था.

1 min read
Champak - Hindi
August Second 2021