Facebook Pixel ज्योतिष के कतिपय प्राकृत भाषायी ग्रन्थ | Jyotish Sagar - religious-spiritual - Lees dit verhaal op Magzter.com
Ga onbeperkt met Magzter GOLD

Ga onbeperkt met Magzter GOLD

Krijg onbeperkte toegang tot meer dan 9000 tijdschriften, kranten en Premium-verhalen voor slechts

$149.99
 
$74.99/Jaar

Poging GOUD - Vrij

ज्योतिष के कतिपय प्राकृत भाषायी ग्रन्थ

Jyotish Sagar

|

February 2024

इस ग्रन्थ को कूष्माण्डिनी देवी से प्राप्त कर धरसेन आचार्य ने पुष्पदन्त एवं भूतबलि नामक अपने शिष्यों के लिए लिखा था। इस ग्रन्थ में 800 गाथाएँ हैं।

ज्योतिष के कतिपय प्राकृत भाषायी ग्रन्थ

भारत में प्राकृत भाषा में साहित्य की रचना लगभग 600 ईसा पूर्व से 1300-1400 ई. तक हुई है, जिसमें मुख्य रूप से जैन ग्रन्थों का प्रणयन हुआ है। वहीं, साहित्य, वैद्यिकी, ज्योतिष आदि विषयों पर ग्रन्थों की भी रचना हुई है। जहाँ तक ज्योतिष के ग्रन्थों का प्रश्न है, तो इसमें निमित्त, मुहूर्त, संहिता, होरा, सामुद्रिक शास्त्र इत्यादि से सम्बन्धित ग्रन्थ रचे गए हैं।

यद्यपि इनमें भारतीय ज्योतिष से मूलभूत भिन्नता दिखाई नहीं देती, फिर भी इन अधिकतर ग्रन्थों के रचयिता जैन आचार्य होने के कारण कतिपय आधुनिक विद्वान् इन्हें 'जैन ज्योतिष' नामक भिन्न शाखा में रखते हैं। प्रस्तुत आलेख में ज्योतिष से सम्बन्धित कतिपय प्राकृत भाषायी ग्रन्थों का संक्षिप्त परिचय दिया जा रहा है।

सूर्यप्रज्ञप्ति

यह प्राचीन ग्रन्थ है। इसमें सूर्य की गति आदि का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। प्राकृत भाषा के इस ग्रन्थ पर मलयगिरि सूरि ने संस्कृत टीका लिखी है। इसे वेदांग ज्योतिष के समान प्राचीन ज्योतिष का प्रामाणिक और मौलिक ग्रन्थ माना जाता है।

चन्द्रप्रज्ञप्ति

सूर्यप्रज्ञप्ति की तुलना में यह परिष्कृत ग्रन्थ है। इसमें सूर्य एवं चन्द्रमा की गति से सम्बन्धित सिद्धान्त दिए गए हैं। इसमें राहु-केतु का भी उल्लेख है।

ज्योतिष्करंडक

यह प्राचीन ज्योतिष का ग्रन्थ है, जिसकी रचना तीसरीचौथी शताब्दी ई.पू. की मानी जाती है। इसमें नक्षत्र–लग्न गणना की गई है।

निमित्तशास्त्र

MEER VERHALEN VAN Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

क्या लिखा है हमारे भाग्य में...?

ज्योतिष और प्रारब्ध

time to read

13 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

ग्रहों के अंशों का महत्त्व

लग्न की डिग्री बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। कुण्डली में जितने भी ग्रहों की डिग्री लग्न की डिग्री के आस-पास होते हैं, वे सभी अपना पूर्ण फल देने में समर्थ होते हैं।

time to read

8 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो उन्हें मनाएँ कैसे?

मनुष्य का पूरा जीवन 9 ग्रहों की 27 नक्षत्रों में चाल और दृष्टि पर टिका हुआ है। सामान्य भाषा में कहें, तो जब ग्रहों की कृपा होती है, तो मनुष्य बलवान् हो जाता है और जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो वह भिखारी भी बन जाता है। इस आलेख में हम बता रहे हैं कि जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो उन्हें कैसे मनाएँ?

time to read

2 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कन्या लग्न के नवम भाव में स्थित शुक्र एवं शनि के फल

कैसे करें सटीक फलादेश (भाग-227)

time to read

7 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

श्रीशंकराचार्यकृत श्रीनृसिंहभुजङ्गस्तोत्रम्

(मूल मातृका/पाण्डुलिपि से प्रथम बार प्रकाशित एवं अनूदित)

time to read

6 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कोकिलावन जहाँ शनिदेव रो पड़े श्रीकृष्ण के दर्शन को!

मथुरा जनपद की पावन भूमि, जहाँ प्रत्येक कण में श्रीकृष्ण की लीलाओं की सुगन्ध व्याप्त है, वहीं कोसी और नन्दगाँव के मध्य स्थित कोकिलावन दिव्य और रहस्यमयी तीर्थस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

time to read

3 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कैसी रहेगी सम्राट चौधरी की सरकार?

शपथ ग्रहण कुण्डली विश्लेषण

time to read

2 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कुण्डली में विवाह, सन्तान एवं दाम्पत्य सुख : एक पर्यवेक्षण

मनुष्य जीवन का सबसे कोमल, जटिल और जरूरी पक्ष होता है- विवाह, सन्तान और दाम्पत्य जीवन। यह वह पक्ष है जहाँ प्रेम, आत्मीयता, त्याग और संघर्ष की असली परीक्षा होती है।

time to read

5 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

नीचराशिस्थ बुध के फल

जन्मपत्रिका में नीचराशिस्थ ग्रहों के फल : एक विस्तृत अध्ययन (भाग-21)

time to read

13 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

वोट से क्रान्ति के नायक पीटर माग्यार

जन्मपत्रिका विश्लेषण

time to read

9 mins

May 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size