Poging GOUD - Vrij

बेटियां: विरासत नहीं, संवेदना का सच

Aaj Samaaj

|

June 02, 2025

"लिपट के रोये हैं बेटियों से अपनी हालत पे, जो कहते थे विरासत के लिये बेटा जरूरी है ... " यह शेर एक टीस है, एक कराह है उस व्यवस्था की, जिसने बेटियों को सिर्फ. 'पराया धन' समझ कर हमेशा हाशिए पर रखा। आज जब समाज के कंधे झुकते हैं, आँखें नम होती हैं, तो वही बेटियां उस पीड़ा की ढाल बनती हैं।

- प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार

बेटियां: विरासत नहीं, संवेदना का सच

जिनको कभी यह कहकर पराया कर दिया गया कि 'बेटी तो पराई होती है', वही बेटी अपने पिता के अंतिम दिनों में हाथ थामे खड़ी होती है। भारतीय समाज में सदियों से यह धारणा रही है कि बेटा ही वंश चलाता है, बेटा ही अर्थी को कंधा देगा, बेटा ही संपत्ति का उत्तराधिकारी होगा। यह सोच न सिर्फ बेटियों को दोयम दर्जे में धकेलती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी ठेस पहुंचाती है। पर समय ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वंश केवल नाम का नहीं होता, वंश वह संवेदना है जिसे कोई भी आगे बढ़ा सकता है। कितनी ही बेटियां हैं जो अपने बूढ़े मां-बाप की सेवा करती हैं, उन्हें सहारा देती हैं और उनकी अंतिम इच्छा तक निभाती हैं। आज जब संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं, जब बेटे महानगरों में अपने करियर में व्यस्त हैं, तब वहीं बेटियाँ अपने माँ-बाप के पास रहकर उन्हें मानसिक, भावनात्मक और कभी-कभी आर्थिक संबल भी दे रही हैं।

आंसुओं की तासीर एक-सी क्यों होती है?

जब किसी घर में दुख आता है, तो आँसू किसी रिश्ते, लिंग या वर्ग को नहीं देखते। माँ की ममता और बेटी का दुलार-दोनों में दर्द की वही भाषा होती है। मौत एक ऐसी सच्चाई है जो सबको एक छतरी के नीचे खड़ा कर देती है। उस क्षण न कोई बेटा बड़ा होता है न बेटी छोटी। उस क्षण सिर्फ इंसान होता है-समर्पित, भावुक, टूटता हुआ। हमारे समाज में मृत्यु के बाद का अनुष्ठान बेटे के जिम्मे होता है। लेकिन क्या भावनात्मक जिम्मेदारी केवल एक लिंग पर थोपना उचित है? जब बेटी भी उसी दुख को झेलती है, वही आँसू बहाती है, तो वह अधिकारों में कमतर क्यों?

बदलते सामाजिक समीकरण

MEER VERHALEN VAN Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

यदि भारत पर भी लगा 500 प्रतिशत टैरिफ तो क्या होगा असर

क्या ट्रंप सच में रूस से व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों पर लगाएंगे नए टैरिफ

time to read

2 mins

January 09, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् माधव गाडगिल का 83 वर्ष की उम्र में निधन

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् माधव गाडगिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

time to read

1 min

January 09, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

प्री-बजट मंथन कार्यक्रम की तैयारियों का डीसी आयुष सिन्हा ने लिया जायजा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के एक दिवसीय प्री-बजट मंथन कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने आज होटल राजहंस, सूरजकुंड में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

time to read

1 min

January 09, 2026

Aaj Samaaj

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन हो गया है।

time to read

1 min

January 09, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

राष्ट्रवाद की भावना का प्रतीक है एनसीसी : एपी सिंह

भारतीय वायु सेना प्रमुख (CAS), एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने गुरुवार को दिल्ली छावनी में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) 2026 का दौरा किया।

time to read

2 mins

January 09, 2026

Aaj Samaaj

विधानसभा स्पीकर संधवां और कृषि मंत्री खुड्डियां ने पंजाब राज्य खाद्य आयोग की नई लाइब्रेरी का किया उद्घाटन

एक ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत पंजाब स्टेट फूड कमीशन की नवस्थापित लाइब्रेरी का उद्घाटन महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (मगसीपा) सेक्टर-26, चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में हुआ।

time to read

1 min

January 09, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

पाकिस्तान ने श्रीलंका को 6 विकेट से पहला टी-20 हराया

साहिबजादा फरहान की फिफ्टी, सलमान मिर्जा और अबरार ने 3-3 विकेट लिए

time to read

1 mins

January 09, 2026

Aaj Samaaj

मित्रता हो तो विवेकानंद और अजीत सिंह जैसी

विवेकानंद राजपूताने की खेतड़ी रियासत के राजा अजीत सिंह को अपना सच्चा दोस्त और सहयोगी मानते थे।

time to read

4 mins

January 09, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

7 बच्चों की मां की हत्याकर प्रेमी ने दफनाया

कानपुर में कब्र खोदकर शव निकाला, सिर्फ कंकाल मिला;10 महीने राज छिपाए रहा

time to read

1 mins

January 09, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

भगत सिंह कालोनी की गलियों की सौगात : पं मूलचंद शर्मा

विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री पं मूलचंद शर्मा ने गुरुवार को बल्लभगढ़ की भगत सिंह कॉलोनी में सद्भावना स्कूल के समीप तीन गलियों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बल्लभगढ़ के विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और क्षेत्र के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

time to read

1 min

January 09, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size