Poging GOUD - Vrij
ढीला ढक्कन
Sarita
|December Second 2025
श्रेया की रसोई में ढक्कन ऐसे हैं कि जैसे वे बंद हो ही नहीं सकते. पति बेचारा हर बार डब्बा उठाते वक्त कामना करता है, काश आज तो ढक्कन लगा हो.
“ओफ्फो श्रेया, कुछ काम तो तसल्ली से कर लिया कर, पता नहीं क्यों हर समय जल्दबाजी में रहती हो?”
श्रेया ने आवाज सुन वहीं से जानना चाहा, “अब क्या हुआ, शेखर, क्या कर दिया मैं ने?”
“देखो, यहां आ कर, पता नहीं डब्बों और बोतलों के ढक्कन ठीक से बंद करने की आदत तुम्हें कब पड़ेगी. अपना काम निकाल कर यों ही ढक्कन ढीला छोड़ देती हो. जैसे ही मैं ने बोतल उठाई, ढक्कन हाथ में रह गया और बोतल नीचे जा गिरी. फर्श पर सारा तेलतेल हो गया,” शेखर ने बड़बड़ाते हुए कहा. श्रेया हाबड़ताबड़ में आई.
“देखो, खुद ही देखो,” शेखर बोला.
“शेखर, जब तुम मेरी आदत से वाकिफ हो तो तुम खुद ही ध्यान से उठाया करो.”
“खूब कहा तुम ने, यह भी मेरी ही गलती है. तुम ने तो वह कहावत चरितार्थ कर दी, ‘मेरी बिल्ली मुझी को म्याऊं.’ इतना सुन श्रेया ने जैसे ही कदम बढ़ाया, उस का पैर तेल पर जा पड़ा और वह धड़ाम से जा गिरी.
“लो, खुद ही फंस गईं, इस को कहते हैं, जल्दबाजी का काम शैतान का. हर समय जल्दी में, हर समय जल्दी में, अब भुगतो.”
श्रेया से कुछ कहते नहीं बन रहा था. खड़े होने की कोशिश कर बस इतना ही कह पाई, “सुबह के समय पचास काम होते हैं, शेखर. मैं ‘अकेली जान’ क्या करूं?”
Dit verhaal komt uit de December Second 2025-editie van Sarita.
Abonneer u op Magzter GOLD voor toegang tot duizenden zorgvuldig samengestelde premiumverhalen en meer dan 9000 tijdschriften en kranten.
Bent u al abonnee? Aanmelden
MEER VERHALEN VAN Sarita
Sarita
वर्किंग कपल्स के बीच स्पेस और प्राइवेसी
वर्किंग कपल्स ज्यादातर यूनिटरी फैमिलीज में रहते हैं. उन की चाहत यह होती है कि उन के बीच स्पेस न रहे जिस से कि किसी और की जगह न बन सके लेकिन आज मोबाइल के दौर में एक का दूसरे को बारबार फोन करना भी निगरानी जैसा लगने लगता है.
9 mins
May First 2026
Sarita
हंगरी से सबक ले भारत
लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के बावजूद अगर शासन जनता की अपेक्षाओं से दूर हो जाए, तो असंतोष तेजी से उभरता है जो दिखता नहीं. जनता के मूड को भांपना आसान नहीं. वह सिरआंखों पर धरी राजनीतिक पार्टी को भी एक झटके में सत्ता से उखाड़ कर फेंक सकती है.
4 mins
May First 2026
Sarita
पीढ़ियों तक रिसते हैं युद्ध के घाव
इंसान के दिमाग पर जंग का असर जंग चलने तक ही नहीं बल्कि जंग खत्म होने के बाद कई सालों तक और उस के बाद उस की आने वाली पीढ़ियों के मन, व्यवहार और व्यक्तित्व तक में उतर जाता है. युद्ध की सब से भयावह सच्चाई यह है कि यह सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता बल्कि इंसानी दिमाग के भीतर भी चलता रहता है, कभी खत्म न होने वाली लड़ाई की तरह.
4 mins
May First 2026
Sarita
एससी वर्ग कर रहा अपनी बात करने वाली फिल्में फ्लौप
बाल विवाह, विधवा पुनर्विवाह, दहेज और जमींदारों के उत्पीड़न जैसे सामाजिक मुद्दों पर भारतीय सिनेमा ने बेहतरीन फिल्में दी हैं.
9 mins
May First 2026
Sarita
एक रिक्त कोना
मां के बिना ममता के आंचल का स्पर्श क्या होता है, बिन मां का बच्चा क्या समझेगा.
8 mins
May First 2026
Sarita
अंगूठे की जात
उंगलियों की दुनिया में भी राजनीति कम दिलचस्प नहीं है.
3 mins
May First 2026
Sarita
महिला आरक्षण ढोल की पोल
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल की विधानसभाओं के चुनावों में प्रचार के लिए मुद्दा पैदा करने के लिए भाजपा ने जो बवंडर खड़ा किया उस के पीछे 'बड़ेसाब' तो आरएसएस ही था जो सवर्ण महिलाओं को ले कर दिक्कत में था कि इन का क्या करें, ये तो मंदिरों में भजनपूजन और कलश यात्राओं में ही अच्छी लगती हैं. अगर ये संसद में बड़े पैमाने पर आ गईं तो हिंदू राष्ट्र और ब्राह्मण राज का सपना ध्वस्त हो जाएगा. महिला आरक्षण बिल इसी मकसद से एक साजिश के तहत लाया और फिर गिरवाया गया.
21 mins
May First 2026
Sarita
9 लाख करोड़ दान की बछिया के दांत
दान की महिमा वाकई में अपरंपार है जिस ने देशभर के 10 ब्रैंडेड मंदिरों की जायदाद को 9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया है लेकिन इस से किसे क्या हासिल हो रहा है, यह कोई नहीं सोचता. सोचता तो कोई यह भी नहीं कि दान की लत भक्तों को भाग्यवादी बनाने के साथसाथ डर और लालच भी उन के दिलोदिमाग में भर देती है.
10 mins
May First 2026
Sarita
गट हैल्थ के लिए 3 एफ का नियम अपनाएं
गट हैल्थ यानी आंतों की सेहत. आंतों का स्वस्थ रहना पाचन से ले कर इम्यूनिटी तक पूरे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. जानिए 3 नियम जिन्हें अपना कर हर कोई अपनी गट हैल्थ ठीक कर सकता है.
6 mins
May First 2026
Sarita
एक सुसाइड नोट में नई पीढ़ी की पीड़ा
प्रियांशु की आत्महत्या बच्चों पर पेरैंट्स द्वारा अनावश्यक रूप से बढ़ती जा रही अपेक्षाओं और दबाव से उत्पन्न हताशा और अवसाद की कहानी बयान करती है जिस का सामना आज बहुतेरे बच्चे कर रहे हैं.
6 mins
May First 2026
Listen
Translate
Change font size
