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यादों का टेलीग्राम

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July 2024

टेलीग्राम एक जगह से दूसरी जगह संदेश भेजने का यांत्रिक माध्यम है। इसमें किसी चीज का भौतिक विनिमय किए बगैर संदेश भेजा जाता है। इसमें विशेष संकेतों के जरिये कोई सूचना कहीं भेजी जाती है। स्मार्ट फोन, ईमेल एसएमएस और सोशल मीडिया के मौजूदा दौर में जब 163 साल पुरानी टेलीग्राम सेवा को सरकार ने 15 जुलाई, 2013 से बंद करने का फैसला किया तो इससे जुड़े लोगों की भावनाएं ताजी हो गयीं।

- कृष्ण कुमार यादव

यादों का टेलीग्राम

21 वीं सदी में टेक्नॉलाजी के विकास एवं संचार व सूचना क्रांति ने बहुत सारी बातों को पीछे छोड़ दिया। एक दौर में जिन तकनीकों को अपरिहार्य माना जाता था, वही अब अतीत की चीज बनकर रह गये। न जाने कितनी चीजें हमारी आंखों के सामने आरम्भ हुईं और हमारे ही सामने उनका दौर भी खत्म हो गया। फ्लापी, पेजर, ब्लैक एंड व्हाइट टीवी, छतों पर दिखता टीवी का एंटीना, रेडियो एंटीना, वॉकमैन, टेलीग्राम और भी बहुत कुछ। नयी पीढ़ी इन्हें या तो म्यूजियम में देखती है, या तो इन्टरनेट पर खंगालती है। फिलहाल यहां टेलीग्राम (तार) की बात करते हैं। टेलीग्राम एक जगह से दूसरी जगह संदेश भेजने का यांत्रिक माध्यम है। इसमें किसी चीज का भौतिक विनिमय किए बगैर संदेश भेजा जाता है। इसमें विशेष संकेतों के जरिये कोई सूचना कहीं भेजी जाती है। स्मार्ट फोन, ईमेल एसएमएस और सोशल मीडिया के मौजूदा दौर में जब 163 साल पुरानी टेलीग्राम सेवा को सरकार ने 15 जुलाई, 2013 से बंद करने का फैसला किया तो इससे जुड़े लोगों की भावनाएं ताजी हो गयीं। तभी तो तार के बंद होने की सूचना मिलते ही लोग तारघर की तरफ दौड़ पड़े, एक अदद अंतिम तार अपने किसी इष्टजन को भेजने और उसकी यादों को हमेशा के लिए सहेजकर रख लेने के लिए। यहां तक कि इसके प्रति सम्मान जताने के लिए देश की हाईटेक युवा पीढ़ी भी इस सेवा के अंतिम दिन लम्बी कतारों में एक बार इसका उपयोग कर लेने के मोह से बची नहीं रही। दिल्ली में टेलीग्राम सेवा के अंतिम दिन कुल 2197 टेलीग्राम बुक कराए गए, जिनमें से 1329 इंटरनेट और 91 टेलीफोन से बुक कराए गए। इस सेवा के आखिरी दिन 68,837 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। अंततः 14 जुलाई, 2013 दिन रविवार को नई दिल्ली में जनपथ स्थित सेंट्रल टेलीग्राफ ऑफिस (सीटीओ) से रात्रि 11 बजकर 45 मिनट पर अश्विनी मिश्र द्वारा कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दूरदर्शन न्यूज के महानिदेशक एम.एस. खान को आखिरी टेलीग्राम भेजते ही 163 वर्ष पुरानी प्रतिष्ठित तार सेवा (टेलीग्राम) इतिहास के पन्नों में सिमट गई।

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