Poging GOUD - Vrij

जीवन में प्रसाद का अभाव और अवसाद का प्रभाव

DASTAKTIMES

|

June 2024

जीवन में प्रसाद का अभाव है और अवसाद का प्रभाव। अवसाद वस्तुतः पराजित मानसिकता का परिणाम है। मित्रता सुख देती है। मित्र परस्पर सुख-दुख बांटते हैं लेकिन मित्रता भी स्वार्थ निरपेक्ष नहीं है। एकाकी होने में दुख है। एकाकी अनुभव होने में और ज्यादा दुख है। बृहदारण्यक उपनिषद में सृष्टि के विकास का सुन्दर वर्णन है। ऋषि कहते हैं, पहले वह अकेला था। अकेला होने के कारण उसे आनंद नहीं मिला।

- हृदय नारायण दीक्षित

जीवन में प्रसाद का अभाव और अवसाद का प्रभाव

सत्य, शिव और सौंदर्य अस्तित्व का प्रसाद हैं। प्रसन्न होने के लिए यह सब पर्याप्त है। मनुष्य ने प्रत्यक्ष रूप में बड़ी उन्नति की है। भौतिक ज्ञान व्यापक हुआ है। विज्ञान के क्षेत्र में आश्चर्यजनक शोध हुए हैं। भारतीय दर्शन में आनंदमय चिंतन के शाश्वत सूत्र हैं। कला और सौंदर्यबोध भी शिखर पर हैं। सुख, स्वस्ति और आनंद भी अविरल प्रवाहमान हैं लेकिन पश्चिम प्रेरित आधुनिकता ने जीवन को प्रतिस्पर्धी बनाया है। प्रतिस्पर्धी जीवन के प्रभाव में आनंद के स्रोत व्यक्ति को आश्वस्ति नहीं देते। प्रसन्न रहना और प्रसन्न होना सभी व्यक्तियों का मौलिक अधिकार है। प्रसन्नता सहज सुलभ है लेकिन प्रसन्नता के सूचकांक में दुनिया के तमाम देशों की स्थिति चिंताजनक है। पश्चिम प्रेरित आधुनकिता में धन और भौतिक संसाधनों को संग्रह करने की प्रतिस्पर्धा है। व्यक्तिवाद बढ़ा है। सामाजिक उल्लास के लिए सामूहिक जीवन की आवश्यकता होती है। सामाजिक उल्लास की परम्परागत व्यवस्था का नाम उत्सव है। अकेला व्यक्ति प्रसन्न नहीं हो सकता। एकाकी व्यक्ति उत्सवों का आयोजन भी नहीं कर सकता। उत्सवों के आनंद घटे हैं।

MEER VERHALEN VAN DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गलत मुद्दे पर दांव!

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी एसआईआर को मुद्दा बनाने की तैयारी में दिख रही है

time to read

9 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

तरक्की से कदम ताल !

बीते महीने झारखंड ने 15 नवंबर को अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया।

time to read

4 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

यूपी में विपक्ष सदमे में

बिहार के चुनावी नतीजों से विपक्ष में मंथन शुरू

time to read

6 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मौत से बेतरह डरते थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र को जिंदगी से बेपनाह मुहब्बत थी। वह नब्बे के हो चले थे।

time to read

2 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गहरे सदमे में तेजस्वी

अति आत्मविश्वास तेजस्वी को ले डूबा।

time to read

5 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब प्रशांत किशोर का क्या होगा ?

शर्मनाक पराजय के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने आगे की जो रणनीति साझा की उससे साफ है कि वह अपने तौर-तरीकों में जरा भी बदलाव नहीं लाने जा रहे हैं।

time to read

6 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

धामी की राजस्व रणनीति

आर्थिक प्रबंधन में उत्तराखंड की ऊंची उड़ान

time to read

3 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

चिकोटी काटा, बकोटा नहीं

सुप्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार व कई अख़बारों के संपादक रहे नवीन जोशी पर आई नई किताब 'नवीन धुन' इन दिनों चर्चा में है। इस किताब में सत्तर के दशक से लेकर नई सदी के शुरुआती सालों की पत्रकारिता की एक धुन सुनाई देती है। ऐसी धुन जो मौजूदा दौर के पत्रकारों और पत्रकारिता की ट्रेनिंग ले रहे छात्रों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं। प्रस्तुत है इस नई पुस्तक के कुछ अंश।

time to read

11 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

इतना आसान नहीं बिहार का सफ़र

नीतीश की नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। आगे बीजेपी को बिहार पर राज करना है तो किए गए वादे निभाने होंगे।

time to read

11 mins

December 2025

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

सदाबहार धर्मेंद्र... अलविदा

एक अभिनेता और एक दिग्गज स्टार के रूप में अपनी उम्र के साठ से ज़्यादा सालों के शानदार सफर में, धर्मेंद्र को 'ही मैन' और 'गरम धरम' दोनों नामों से पुकारा जाता रहा।

time to read

4 mins

December 2025

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size