Poging GOUD - Vrij
श्रीराम और पशु-पक्षी
Sadhana Path
|September 2025
कहते हैं श्रीराम एक ऐसा पवित्र आश्रय है जिसमें पशु-पक्षी अथवा किसी भी योनि के प्राणी उसमें आश्रय पा जाते हैं।
भारत के उत्तरी भाग में एक प्रसिद्ध मठ था जो कलिंजर के नाम से जाना जाता था, वहां श्री राम का राज्य था, रामचंद्र जी लक्ष्मण के साथ वार्ता कर रहे थे, एक द्वारपाल आकर बोला-'महाराज एक कुत्ता आया है और मनुष्य की भाषा में कह रहा है वह आपसे न्याय मांगने आया है। श्रीराम ने उसे बुलवाया व पूछा कि क्या हुआ? उसने कहा- 'प्रभू स्वार्थ-सिद्ध नामक एक ब्राह्मण ने मेरे सिर पर प्रहार किया है उसे दंड दीजिए।' ब्राह्मण को बुलवाया गया वह बोला-'हे राघव मैं भूखा था भोजन हेतु बैठा इससे पूर्व यह श्वान आकर बैठ गया, मेरे कहने पर भी न हटा, क्रोध में आकर मैंने इसे मारा,' भगवान राम ने सभी सभासदों से ब्राह्मणों के दंड की व्यवस्था पूछी, सभी ने कहा 'ब्राह्मण अपध्य होता है आप ही उचित दंड की व्यवस्था करा दें।' कुत्ता इसी बीच बोला-'भगवान आप इसे कलिंज का मठाधीश बना दें।'
कुत्ते की बात सुनकर सभी को आश्चर्य हुआ भगवान तो समझ गये पर लोग शिक्षण हेतु सबके समक्ष कुत्ते से ही कारण पूछा कि एक भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाकर इसे वह मठाधीश क्यों बनाना चाहता है?
कुत्ता बोला- 'भगवान मैं भी पिछले जन्म में कलिंजर का मठाधीश था बड़े अच्छे- अच्छे पकवान मिलते, मैं पूजा अर्चना करता पर चढ़ावे की सामग्री में मैं व मेरा परिवार खाता इसी कारण मुझे श्वान की योनि मिली, जो व्यक्ति देव, बालक स्त्री तथा भिक्षुक के लिए अर्पित धन, खाद्य सामग्री का संकीर्ण स्वार्थ के साथ उपभोग करता है वह नरकगामी होता है।'
हंस भी श्वेत है और गिद्ध भी परंतु दोनों अपने कर्मों के कारण जगत में स्थान पाते हैं पर गिद्धों में भी अच्छी प्रजातियां पायी जाती हैं।
पंख कटे जटायु को गोद में लेकर भगवान राम ने उसका अभिषेक आंसुओं से किया स्नेह से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा-'तात्। तुम जानते थे रावण दुर्द्धर्ष और महाबलवान है फिर उससे तुमने युद्ध क्यों किया?'
Dit verhaal komt uit de September 2025-editie van Sadhana Path.
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