Poging GOUD - Vrij
ओशो और विवेकः एक प्रेम कथा
Sadhana Path
|December 2024
सू एपलटन अपने पूर्व जन्म से ही ओशो की प्रेमिका रही है। अप्रैल 1971 में ओशो द्वारा संन्यास दीक्षा ग्रहण की। ओशो उसे नया नाम मा योग विवेक दिया। मा विवेक दिसंबर 09, 1989 को अपने भौतिक जीवन से पृथक हो गई।
-
सूएपलटन....नाम था उसका, जर्मनी में पैदा हुई थी, वकील थी, अमीर थी, सफल थी, प्रतिष्ठित थी, पर सब सूना लगता था। जर्मनी के उसके घर में एक बार एक भारतीय अनायास ही उसके घर में घुस आया नाम था रवि। पूछा तो उसने बोला - 'बस मन किया तो अंदर चला आया' उसने गले में एक माला पहन रखी थी। उस पर एक सुंदर सी तस्वीर थी। सू उसे देख कर जैसे मिट गयी....सूनापन भर गया जैसे....पूछा ये किसकी तस्वीर है? रवि ने बताया- ये रजनीश हैं उसके गुरु। सू ने पूछा 'ये कहां मिलेंगे?'
रवि - 'इंडिया, पूना'। सू को मंजिल का पता मिल गया। सूरज निकला और सू भारत को जा रही थी। परिवार ने पूछा कहां जा रही हो? क्यूं? कब आओगी? सू को कुछ पता नहीं। गुमसुम पैकिंग करती रही।
Dit verhaal komt uit de December 2024-editie van Sadhana Path.
Abonneer u op Magzter GOLD voor toegang tot duizenden zorgvuldig samengestelde premiumverhalen en meer dan 9000 tijdschriften en kranten.
Bent u al abonnee? Aanmelden
MEER VERHALEN VAN Sadhana Path
Sadhana Path
हिंदुत्व की पहचान संस्कार
संस्कार से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारे वेद पुराणों में भी कई संस्कारों का वर्णन है और यह सभी संस्कार वैज्ञानिक आधारों पर निर्मित हैं। कौन-कौन से हैं संस्कार तथा क्या है इन संस्कारों का महत्त्व ? आइए जानते हैं।
9 mins
May 2026
Sadhana Path
विज्ञान से भी सर्वोपरि ज्योतिष शास्त्र
वर्तमान युग विज्ञान का युग है किंतु हम ज्योतिष को नकार नहीं सकते, या कहें विज्ञान से भी सर्वोपरि है ज्योतिष, कैसे ? आइए जानें इस लेख से।
5 mins
May 2026
Sadhana Path
हिन्दू संस्कृति में रीति रिवाजों का वैज्ञानिक महत्त्व
हम सदियों से विभिन्न परम्पराओं, रीति-रिवाजों को मानते चले आ रहे हैं पर शायद हममें से बहुत कम लोग ही इसके पीछे विद्यमान तथ्यों को जानते होंगे के हम इनका अनुसरण क्यों करते हैं ? आइए लेख के माध्यम से जानें इन परंपराओं एवं रीति-रिवाजों में निहित वैज्ञानिकता को।
14 mins
May 2026
Sadhana Path
भविष्य बताने वाले शुभ-अशुभ संकेत
कहते हैं जो होना है वो तो होकर रहेगा। सब कुछ पहले से ही लिखा जा चुका है, किन्तु फिर भी हमारे जीवन में हमें ऐसे कई संकेत मिलते हैं जिससे हम भविष्य में होने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं को पहचान सकें। ऐसे ही कुछ शुभ और अशुभ संकेतों को आइए जानते हैं लेख से।
8 mins
May 2026
Sadhana Path
अध्यात्म की यात्रा
आत्मा - यह शक्ति पुंज, इतना शक्तिशाली, इतना सक्ष्म है कि पर्वत भी हिला दे। इस शक्ति को पहचानो।
2 mins
May 2026
Sadhana Path
पेट की सेहत को सुधारें इन टिप्स से
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आंतों को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। आंतों को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान में बदलाव करें।
2 mins
May 2026
Sadhana Path
कान के दर्द में बड़े काम आएंगे दादी मां के नुस्खे
कान व्यक्ति के शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है लेकिन फिर भी हम इसका पूरी तरह ख्याल नहीं रखते हैं, जिसके कारण अकसर हमें कान में दर्द या खुजली की समस्या होती है।
2 mins
May 2026
Sadhana Path
शांति के क्षण
सामान्य रूप से, मन सदा कार्य में लगा रहता है। सदा अस्थिर रहना ही इसकी प्रकृति है।
2 mins
May 2026
Sadhana Path
आत्मसंयम का अभ्यास
प्रायः हम देखते हैं कि परिवार में जीविका चलाने वाले-पिता या पुत्र, या कभी-कभी माता या पुत्री-मानसिक व्यसन की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, क्योंकि उनकी चेतना में है कि वे आदेश देने की स्थिति में हैं।
2 mins
May 2026
Sadhana Path
दोपहर की एक छोटी-सी झपकी रखती है सेहतमंद
अक्सर दोपहर का भोजन करने के उपरात गहरी नींद आती है, यदि इस समय आप कुछ देर विश्राम करते हैं तो निश्चित तौर पर आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे। ध्यान रहे कि नींद केवल 30 से 45 मिनट तक की होनी चाहिए, अन्यथा आपको रात में नींद नहीं आएगी !
3 mins
May 2026
Listen
Translate
Change font size
