Poging GOUD - Vrij
इतिहास की आवाज
Champak - Hindi
|April Second 2026
दिल्ली में एक सुबह हल्की ठंडक थी. नीले आसमान के नीचे कुतुब शांत, गंभीर और गर्व से भरा हुआ दिखाई दिया.
तभी एक स्कूल बस आ कर रुकी और बच्चों का ग्रुप उत्साह से बाहर कूद गया.
“अरे, यह तो कुतुबमीनार है.”
"असल में तो यह और भी ऊंची दिख रही है," राहुल ने कहा.
“इतनी ऊंची इमारत, मुझे समझ नहीं आ रहा कि उस जमाने में इसे कैसे बनाया गया होगा? तब तो इतनी मशीनें भी नहीं हुआ करती थीं," मीना ने सोच कर कहा.
गाइड हंसते हुए बोला, "आइए, आज तुम्हें अपने सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे."
सभी बच्चे कुतुबमीनार के सामने खड़े हो गए. इतनी देर तक ऊपर देखने से उन की गरदन में दर्द हो गया था.
आदित्य ने पूछा, “सर, इस में कितनी मंजिलें हैं?”
गाइड ने जवाब दिया, '5,' 'सिर्फ 5?'
सिया हैरानी से बोली. “5 मंजिलें इतनी ऊंची कैसे हो सकती हैं?”
गाइड ने मुसकराते हुए जवाब दिया, "उस समय 5 मंजिलें बनाना भी आसान नहीं था."
फिर राहुल ने पूछा, “क्या यह हमेशा से ऐसी ही थी या पहले यहां और भी मंजिलें थीं?” गाइड ने कुतुबमीनार की ओर देखा, मानो वह उस से अनुमति ले रहे हों कि उसे इस के बारे में उन्हें बताना चाहिए या नहीं।
फिर उन्होंने कहा, “नहीं, बच्चो, जब यह बनी थी, तब इस में 5 मंजिलें थीं, लेकिन समय ने इसे कई बार परखा. भूकंप आए, आकाशीय बिजली गिरने, तेज हवाओं के कारण इस की एक मंजिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
“फिर क्या हुआ?” आदित्य ने घबरा कर पूछा, “क्या इस की मंजिलें गिर गईं?”
गाइड ने उसे शांत करते हुए कहा, “नहीं, नहीं. शासकों ने इसे गिरने नहीं दिया. इस के टूटे हिस्सों को हटा दिया गया और बाद में इस का पुनर्निर्माण किया गया.”
फिर भी सिया के मन में कुछ खटक रहा था. मीनार की ओर देखते हुए उस ने धीरे से पूछा, “क्या तुम्हें बहुत दर्द हुआ है? अंकल, क्या इसे भी दर्द होता है?”
गाइड चुप हो गया. कुछ पल ऐसे बीते मानो हवा भी रुक गई हो।
फिर... एक धीमी, गहरी आवाज गूंजी।
“हां... ऐसा होता है. बहुत होता है.”
बच्चे आवाज सुन कर डर गए. राहुल ने गाइड का हाथ पकड़ कर हिलाते हुए पूछा, “अंकल, यह आवाज कहां से आई?”
“क्या तुम ने भी सुनी?” मीरा ने कांपते हुए पूछा।
गाइड मुसकराया, “हां, मैं ने भी सुनी.”
फिर कुतुबमीनार के पत्थर मानो सजीव हो उठे।
Dit verhaal komt uit de April Second 2026-editie van Champak - Hindi.
Abonneer u op Magzter GOLD voor toegang tot duizenden zorgvuldig samengestelde premiumverhalen en meer dan 9000 tijdschriften en kranten.
Bent u al abonnee? Aanmelden
MEER VERHALEN VAN Champak - Hindi
Champak - Hindi
रविवार के सप्लीमेंट का रहस्य
“हमारी पड़ोसी मिसेज चौहान ने मुझे बताया कि अखबार वाला लड़का संडे सप्लीमेंट देना भूल गया था,” मम्मी ने रम्या को बताया.
5 mins
April Second 2026
Champak - Hindi
मोंटी की शरारत
कमरे में सुबह की हल्की रोशनी फैल रही थी और लोलो भालू नींद में करवट बदल रहा था.
4 mins
April Second 2026
Champak - Hindi
पीले पोस्टबौक्स का जादू
पीपल रोड के कोने पर लगे पीले रंग के पोस्टबौक्स के एक तरफ गड्ढा था, उस का मुंह टेढ़ामेढ़ा बना था और सुनने की आदत के चलते वह थोड़ा बाईं ओर झुका रहता था. कम से कम 11 साल की नैना का तो यही मानना था.
6 mins
April Second 2026
Champak - Hindi
लड्डू का स्वाद
बैडी और भानु दोनों बेहद आलसी सियार थे. वे कभी कोई काम नहीं करते थे और अपना समय दूसरों को बेवकूफ बनाने और धोखा देने में बिताते थे.
5 mins
April Second 2026
Champak - Hindi
इतिहास की आवाज
दिल्ली में एक सुबह हल्की ठंडक थी. नीले आसमान के नीचे कुतुब शांत, गंभीर और गर्व से भरा हुआ दिखाई दिया.
5 mins
April Second 2026
Champak - Hindi
मुसकराने वाला गधा
ईशान और मायरा भाईबहन थे. वे अपने बैग हिलाते हुए जब घर जा रहे थे, तो दोनों इस बात पर बहस कर रहे थे कि उन में कौन ज्यादा बुद्धिमान है.
4 mins
April Second 2026
Champak - Hindi
माइलो की जोखिम भरी पार्टी
जब माइलो चूहा अपने घर पहुंचा, जो आम के एक बड़े पेड़ के नीचे था, तो उस ने एक लिफाफा देखा.
4 mins
April First 2026
Champak - Hindi
विज्ञान का जादू
आज मयंक के स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था.
4 mins
April First 2026
Champak - Hindi
रौबी और खजाना
रौबी ने अपने खिलौनों की टोकरी में देखा और उसे एक प्लास्टिक का फावड़ा मिला. उस ने अपने कैंपिंग टूलबौक्स से सीटी, हेड लैंप और एक फ्लोरोसेंट जैकेट निकाली.
5 mins
April First 2026
Champak - Hindi
डाक्टर पौप्रिंट के नुस्खे
सेनलिन वुड्स के जंगल में मोटेताजे, चश्माधारी डाक्टर फिनियस पांडा रहते थे, जिन्होंने पड़ोस के जंगल में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपना खुद का क्लिनिक खोला था।
5 mins
April First 2026
Listen
Translate
Change font size
