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ग्लोबल वार्मिंग से होगा भारी नुक्सान
Modern Kheti - Hindi
|15th July 2025
दुनिया में बढ़ते तापमान का असर अब साफ तौर पर हमारी थाली तक पहुंचने लगा है। एक नए अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन से पता चला है कि जलवायु में आते बदलावों के चलते सदी के अंत तक प्रमुख फसलों से मिलने वाली कैलोरी की मात्रा 24 प्रतिशत तक घट सकती है।
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अध्ययन के मुताबिक जैसे-जैसे पृथ्वी गर्म होती जाएगी, वैसे-वैसे गेहूं, मक्का, सोयाबीन, जौ और कसावा जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार में तेज गिरावट आएगी, चाहे किसान कितनी भी मेहनत क्यों न करें।
अध्ययन में पाया गया है कि वैश्विक तापमान में हर एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ प्रति व्यक्ति रोजाना औसतन 120 कैलोरी कम भोजन मिलेगा। यह आज की प्रति व्यक्ति दैनिक खपत का करीब 4.4 प्रतिशत है।
यह अब तक का सबसे विस्तृत विश्लेषण है। इस अध्ययन में उन फसलों का विश्लेषण किया है, जो इंसानों की दो-तिहाई कैलोरी का स्रोत हैं। इनमें गेहूं, मक्का, धान, सोयाबीन, जौ और कसावा जैसी फसलें शामिल हैं।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और अध्ययन से जुड़े शोधकर्ताओं सोलोमन हसियांग का कहना है, जब वैश्विक खाद्य उत्पादन में गिरावट आती है, तो इसका खमियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है, क्योंकि कीमतें बढ़ती हैं और खाना मिलना मुश्किल हो जाता है।
Dit verhaal komt uit de 15th July 2025-editie van Modern Kheti - Hindi.
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