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मैं हर समय तैयार रहता हूँ
Rishi Prasad Hindi
|January 2025
23 जनवरी को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती है । इन राष्ट्रनायक की माँ उन्हें बचपन से ही संतों-महापुरुषों के जीवन-प्रसंग व शास्त्रों की बातें सुनाती थीं । यही कारण था कि उनका जीवन सनातन संस्कृति के ऊँचे सिद्धांतों और देशभक्ति, राष्ट्रसेवा के लिए समर्पण, तत्परता, अथक परिश्रम आदि दैवी गुणों से सुसम्पन्न था । उनके जीवन का एक प्रेरणादायी प्रसंग, जिससे ये सद्गुण प्रकट होते हैं :
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स्वतंत्रता-आंदोलन के समय की बात है । एक दिन आजाद हिन्द फौज का एक सैनिक सुभाषचन्द्र बोस को एक कार्यक्रम के लिए बुलाने आया । रात्रि के ८ बजे थे । सुभाषजी को देख आश्चर्यचकित होकर सैनिक ने पूछा : “आप तो एकदम तैयार हैं !”
सुभाष : “मैं हर समय तैयार रहता हूँ।” फिर सहज मुस्कराते हुए बोले : “आखिर मेरा सब कुछ जब मातृभूमि के लिए समर्पित है तब ऐसी तत्परता भी चाहिए न !’
Denne historien er fra January 2025-utgaven av Rishi Prasad Hindi.
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