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बाँसवाड़ा की सरस्वती प्रतिमाएँ
Jyotish Sagar
|February 2024
बाँसवाड़ा जिले में तलवाड़ा ग्राम में स्थित माँ त्रिपुर सुन्दरी मन्दिर।
भारतीय परम्परा में देवी सरस्वती का विशिष्ट स्थान है। देवी सरस्वती के दो स्वरूप मानवीय समाज को द्रष्टव्य हैं—एक नदी रूप में एवं अन्य वाग्देवी के स्वरूप में। नदी के रूप में वर्तमान में देवी प्रत्यक्ष नहीं हैं। वह गंगा और यमुना के साथ धरा के गर्भ में बहती हैं तथा वाग्देवी के रूप में देवी सरस्वती की आराधना विद्या एवं बुद्धि के वैभव का आशीर्वाद प्रदान करने वाली हैं।
दक्षिण राजपूताने का बाँसवाड़ा राज्य वाँगड़ का पूर्वी हिस्सा है, जिसका शाब्दिक तात्पर्य है—बाँस की झाड़ी से रक्षित स्थान। बाँसवाड़ा से लगभग 14 कि.मी. दूर तलवाड़ा ग्राम में हरियाली की गोद में अवस्थित त्रिपुरसुन्दरी मन्दिर की भित्ति पर देवी सरस्वती की सुन्दर प्रतिमा का शिल्पांकन किया गया है।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्र वस्त्रावृता ।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
Denne historien er fra February 2024-utgaven av Jyotish Sagar.
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