Facebook Pixel शिवोपासना की प्राचीनता | Jyotish Sagar - religious-spiritual - Les denne historien på Magzter.com

Prøve GULL - Gratis

शिवोपासना की प्राचीनता

Jyotish Sagar

|

February 2023

केदारनाथ धाम में भगवान् शिव के दर्शन करने से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है। यह भी कहा गया है कि भगवान् शिव के बारह ज्योर्तिलिंग में से किसी एक ज्योर्तिलिंग का पूजन जो श्रद्धापूर्वक करता है, उसे मृत्यु के उपरान्त मोक्ष प्राप्त होता है। साथ ही दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से छुटकारा मिल जाता है।

- डॉ. श्याम मनोहर व्यास

शिवोपासना की प्राचीनता

शिवोपासना विश्व में भगवान् की प्राचीनतम आराधना है। शिव अनादि और शाश्वत देवता हैं। शिव के आविर्भाव का वर्णन अनेक पौराणिक ग्रन्थों तथा वैदिक वाङ्मय में मिलता है। किसी युग में स्वयंभू ज्योर्तिलिंग रूप में तो कभी अन्य रूप में भगवान् शिव का वर्णन मिलता है।

काशी की ज्योर्तिलिंग प्रतिमा स्वयंभू है। कहीं-कहीं शिव भक्त की कठोर आराधना के कारण प्रकट हुए हैं। सोमनाथ का प्रसिद्ध ज्योर्तिलिंग चन्द्रमा की शिवोपासना के परिणामस्वरूप वहाँ शिवजी ज्योर्तिलिंग के रूप में प्रकट हुए हैं। हर पुराण, हर वेद और अन्य वाङ्मय कभी रुद्र के रूप में, तो कभी शिव अथवा अन्य पर्यायवाची नाम से विविध मन्त्रों के रूप में उनका गुणगान करता है। जैसा कि निम्नलिखित मन्त्र से शिव का आवाहन किया गया है:

गुरुवे सर्वलौकानां, भिषजे भवरोगिणां। विधये सर्वविधिनां, दक्षिणामूर्तये नमः ॥

अर्थात् जो समस्त विश्व के गुरु हैं, जो मृत्युलोक के सारे पापों का निवारण करते हैं और जो समस्त महान् विद्याओं की निधि हैं, ऐसे उन भगवान् दक्षिणामूर्ति शिव को मैं प्रणाम करता हँ। आदि शंकराचार्य का शिव स्तोत्र है :

कर चरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा, श्रवणानयनजं वा मानसं वापराधम् ।

विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व, जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो।। 

अर्थात हे महादेव! आप करुणा के सागर हैं। विनती करता हूँ कि मुझे क्षमा करें। मेरे उन अपराधों के लिए, जो मैंने जाने अथवा अनजाने में, अपने शरीर, वाणी, कर्म, श्रुतियों, नेत्रों अथवा मस्तिष्क से किए हैं। हे करुणा के सागर महादेव जी, आपकी जय-जयकार हो । अन्य एक यजुर्वेद का अति लोकप्रिय शिव मन्त्र है :

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । ऊर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीयमामृतात्।। [यजुर्वेद]

FLERE HISTORIER FRA Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

क्या लिखा है हमारे भाग्य में...?

ज्योतिष और प्रारब्ध

time to read

13 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

ग्रहों के अंशों का महत्त्व

लग्न की डिग्री बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। कुण्डली में जितने भी ग्रहों की डिग्री लग्न की डिग्री के आस-पास होते हैं, वे सभी अपना पूर्ण फल देने में समर्थ होते हैं।

time to read

8 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो उन्हें मनाएँ कैसे?

मनुष्य का पूरा जीवन 9 ग्रहों की 27 नक्षत्रों में चाल और दृष्टि पर टिका हुआ है। सामान्य भाषा में कहें, तो जब ग्रहों की कृपा होती है, तो मनुष्य बलवान् हो जाता है और जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो वह भिखारी भी बन जाता है। इस आलेख में हम बता रहे हैं कि जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो उन्हें कैसे मनाएँ?

time to read

2 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कन्या लग्न के नवम भाव में स्थित शुक्र एवं शनि के फल

कैसे करें सटीक फलादेश (भाग-227)

time to read

7 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

श्रीशंकराचार्यकृत श्रीनृसिंहभुजङ्गस्तोत्रम्

(मूल मातृका/पाण्डुलिपि से प्रथम बार प्रकाशित एवं अनूदित)

time to read

6 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कोकिलावन जहाँ शनिदेव रो पड़े श्रीकृष्ण के दर्शन को!

मथुरा जनपद की पावन भूमि, जहाँ प्रत्येक कण में श्रीकृष्ण की लीलाओं की सुगन्ध व्याप्त है, वहीं कोसी और नन्दगाँव के मध्य स्थित कोकिलावन दिव्य और रहस्यमयी तीर्थस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

time to read

3 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कैसी रहेगी सम्राट चौधरी की सरकार?

शपथ ग्रहण कुण्डली विश्लेषण

time to read

2 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कुण्डली में विवाह, सन्तान एवं दाम्पत्य सुख : एक पर्यवेक्षण

मनुष्य जीवन का सबसे कोमल, जटिल और जरूरी पक्ष होता है- विवाह, सन्तान और दाम्पत्य जीवन। यह वह पक्ष है जहाँ प्रेम, आत्मीयता, त्याग और संघर्ष की असली परीक्षा होती है।

time to read

5 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

नीचराशिस्थ बुध के फल

जन्मपत्रिका में नीचराशिस्थ ग्रहों के फल : एक विस्तृत अध्ययन (भाग-21)

time to read

13 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

वोट से क्रान्ति के नायक पीटर माग्यार

जन्मपत्रिका विश्लेषण

time to read

9 mins

May 2026

Translate

Share

-
+

Change font size