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तैरता 'किला' आईएनएस विक्रांत
Panchjanya
|September 18, 2022
स्वदेश निर्मित युद्धपोत आईएनएस विक्रांत एक तैरता हुआ किला है। यह अत्याधुनिक तकनीक, युद्धक विमान, एंटी सबमरीन, मिसाइल और तोपों से लैस है, जो दुश्मन के किसी भी हमले से निबटने में सक्षम है। यह हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करेगा
भारतीय नौसेना को स्वदेशी और अब तक का सबसे बड़ा अत्याधुनिक स्वचालित यंत्रों वाला विमानवाहक पोत 'आईएनएस विक्रांत' मिल गया है। साथ ही ना ध्वज भी मिला है। पहले नौसेना के ध्वज में तिरंगे के साथ अंग्रेजी शासन का प्रतीक लाल क्रॉस भी था, जिसे हटा दिया गया है। नए ध्वज में तिरंगा तो है ही, अशोक चिह्न के साथ लंगर व अष्टकोण भी हैं। यह अष्टकोण आठ दिशाओं का प्रतीक है, जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 सितंबर को कोचीन शिपयार्ड में एक भव्य समारोह में आईएनएस विक्रांत को नौसेना को सौंपा।

Denne historien er fra September 18, 2022-utgaven av Panchjanya.
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