Prøve GULL - Gratis
नफरती माहौल है कानून बनना चाहिए
Jansatta
|January 04, 2026
उत्तराखंड में एंजेल चकमा की हत्या ने देश में नस्लीय भेदभाव और कानूनी खालीपन को फिर उजागर कर दिया है।
-
अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीदो तानिया की हत्या के बाद 2014 में गठित बेजबरुआ समिति को एक दशक से अधिक समय बीत चुका है। उत्तर-पूर्व भारत के विद्यार्थियों और संगठनों का कहना है कि इसकी प्रमुख सिफारिशें या तो अब तक लागू नहीं की गई हैं, या फिर केवल राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित रह गई हैं। इस बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में नस्लीय हिंसा और रोजमर्रा का भेदभाव लगातार जारी है।
यह मुद्दा एक बार फिर तब सुर्खियों में आया, जब त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की उत्तराखंड के देहरादून में हत्या कर दी गई। आरोप है कि नौ दिसंबर को नस्लीय गालियों का विरोध करने पर ऐंजल पर चाकू से हमला किया गया, और 26 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया। उनकी मौत पर उत्तर-पूर्व के छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात करके इस मुद्दे को उठाया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देर की। नतीजतन प्रमुख आरोपी के नेपाल भागने की बात सामने आई है। प्रतिपक्षी नेताओं ने इस घटना को भयानक घृणा अपराध बताया और सार्वजनिक विमर्श में फैले नफरत के माहौल की आलोचना की। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है, जिसने साल 2014 में अरुणाचली छात्र की हत्या के बाद आई बेजबरुआ समिति के सिफारिशों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया था।
वास्तव में 26 दिसंबर को देहरादून के एक अस्पताल में त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र चकमा की मृत्यु, मुख्य भूमि भारत में रहने वाले पूर्वोत्तर के नागरिकों द्वारा दशकों से चले आ रहे सम्मान और सुरक्षा के संघर्ष में एक नया मोड़ बन गई है। उत्तराखंड की राजधानी के सेलाक्वी क्षेत्र में घटी यह घटना इस बात की भयावह याद दिलाती है कि भारतीय राज्य की भौगोलिक सीमाएं हमेशा मुख्य भूमि के नागरिकों की भावनात्मक और सामाजिक सीमाओं से मेल नहीं खातीं। इस मामले ने एक तीखी राष्ट्रीय बहस को फिर से हवा दे दी है, जिसकी तुलना साल 2014 में हुई नीदो की हत्या से की जा रही है।
Denne historien er fra January 04, 2026-utgaven av Jansatta.
Abonner på Magzter GOLD for å få tilgang til tusenvis av kuraterte premiumhistorier og over 9000 magasiner og aviser.
Allerede abonnent? Logg på
FLERE HISTORIER FRA Jansatta
Jansatta
भारत ने डकवर्थ लुईस प्रणाली से बांग्लादेश को 18 रन से हराया
वैभव और अभिज्ञान के अर्धशतक, विहान ने लिए चार विकेट
3 mins
January 18, 2026
Jansatta
पहलगाम हमले के बाद स्थिति सुधरी, पर्यटक बढ़े
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद प्रतिकूल मौसम से जम्मू एवं कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को भारी झटका लगा था, लेकिन हालात सुधरने के साथ ही अब इसमें धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिख रहे हैं और पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है।
1 mins
January 18, 2026
Jansatta
विद्युत चालित वाहनों की बिक्री में गौतमबुद्धनगर ने मारी बाजी
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले ने विद्युत चालित वाहनों के क्षेत्र में प्रदेश का नेतृत्व करना शुरू कर दिया है।
1 min
January 18, 2026
Jansatta
राज्यसभा में 19 विधेयक लंबित, सबसे पुराना 1992 का
जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित सबसे पुराना विधेयक सूची में| मल्लिकार्जुन खरगे के श्रम मंत्री रहते हुए पेश विधेयक भी शामिल
2 mins
January 18, 2026
Jansatta
मोदी ने तृणमूल सांसद के पिता को याद किया
विभाजन के दौरान मालदा को भारत में शामिल कराने का प्रसंग
1 mins
January 18, 2026
Jansatta
दूषित पेयजल से मौत, सरकार की बड़ी नाकामी
इंदौर में पेयजल त्रासदी पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा
2 mins
January 18, 2026
Jansatta
कूटनीति से आगे
मेक्सिको और कैरिबियन समेत कई देशों तक फैला लैटिन अमेरिका भौगोलिक रूप से अमेरिका से जुड़ा हुआ है।
4 mins
January 18, 2026
Jansatta
बेरोजगारी, वाकई!
अच्छी खबरों की झड़ी लगी है।
4 mins
January 18, 2026
Jansatta
श्रमिकों की पेंशन गारंटी योजना लागू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के पंजीकरण को तीन माह चलेंगे विशेष शिविर
2 mins
January 18, 2026
Jansatta
'खूबसूरती' को बलात्कार एवं 'तीर्थ फल' से जोड़ा
मध्य प्रदेश : कांग्रेस विधायक के बिगड़े बोल
1 min
January 18, 2026
Listen
Translate
Change font size
