Prøve GULL - Gratis
जांच में देरी की जानलेवा कीमत!
India Today Hindi
|March 04, 2026
इलाज से काबू में आ सकने वाले अलग-अलग तरह के कैंसर देरी से पहचाने जाने के चलते फैल रहे. वहीं अंतिम चरण वाले कैंसर मरीजों की देखभाल और इलाज से जुड़ी नीतियों में सटीक आंकड़ों की कमी बड़ी खाई बन रही
जब 46 साल की स्कूल टीचर ऋतु शर्मा (बदला हुआ नाम) पहली बार दिल्ली के एक आँकोलॉजी ओपीडी में पहुंचीं, तब उन्हें भान तक नहीं था कि वे महीनों से कैंसर पीड़ित हैं. कंधों के बीच हल्के खिंचाव के साथ शुरू हुआ पीठ दर्द धीरे-धीरे रात के तीन बजे जलन बनकर जगाने लगा. उन्होंने इसे गलत बैठने, उम्र और तनाव का असर समझकर टाल दिया. खांसी शुरू हुई तो पहले क्लिनिक ने एंटीबायोटिक दी, दूसरे ने विटामिन जोड़ दिए. थक-हारकर जब वे एक बड़े अस्पताल पहुंचीं तो स्कैन में पता चला कि उनका कैंसर मेटास्टेटिक यानी दूसरे अंगों में भी फैल चुका है—रीढ़ में घाव और फेफड़ों में धब्बे.
शर्मा की कहानी कोई अपवाद नहीं. एशिया में दूसरे और दुनिया में तीसरे नंबर पर भारत में कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज हैं और उनकी संख्या बढ़ रही है. 2025 में जामा (जेएएमए) नेटवर्क ओपन में प्रकाशित 43 आबादी आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों के विश्लेषण के अनुसार, भारत में कैंसर होने का जोखिम 11 फीसद है—यानी लगभग हर नौ में से एक व्यक्ति को कैंसर हो सकता है. ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (ग्लोबोकैन) के अनुमान बताते हैं कि 2040 तक भारत में कैंसर के मामले बढ़कर 20.8 लाख हो जाएंगे, जो 2020 के मुकाबले 57.5 फीसद की बढ़ोतरी है.
मामलों की संख्या बढ़ने से भी ज्यादा फिक्र की बात यह है कि कैंसर अक्सर तब पकड़ में आता है जब वह फैल चुका होता है. नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज की 2025 की टास्क फोर्स रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 60 फीसद से ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के मामले स्टेज-3 या स्टेज-4 में सामने आते हैं, यानी तब तक शुरुआती इलाज की संभावना खत्म हो चुकी होती है.Denne historien er fra March 04, 2026-utgaven av India Today Hindi.
Abonner på Magzter GOLD for å få tilgang til tusenvis av kuraterte premiumhistorier og over 9000 magasiner og aviser.
Allerede abonnent? Logg på
FLERE HISTORIER FRA India Today Hindi
India Today Hindi
परदे से निकला असल नायक
वंचितों के हिमायती नायक के रूप में विजय की परदे पर गढ़ी गई छवि तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बनी शख्सियतों की परंपरा के अनुरूप थी
3 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
तख्त के साए में शब्दों का उजेरा
बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक अब्दुर्रहीम खानेखानां के जीवन को केंद्र में रखकर लिखा गया दीपा गुप्ता का उपन्यास हुमा का पंख ऐतिहासिक उपन्यासों की श्रेणी में एक सराहनीय हस्तक्षेप है.
3 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
हिमंत का एकछत्र राज
भाजपा की लगातार तीसरी जीत के पीछे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा के कल्याण कार्यक्रमों का विस्तार, चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन, पहचान वाली राजनीति की गोलबंदी और ध्रुवीकरण की रणनीति मुख्य वजह रही. इन सबने मिलकर असम की सियासी धुरी बदलकर रख दी
9 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
तट प्रदेश कांग्रेस का
केरल के मतदाताओं ने वाम मोर्चे के जरुरत से ज्यादा आत्मविश्वास को सजा दी और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को सौंपा भारी जनादेश
8 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
ऐतिहासिक विजय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में ममता का किला ढहाकर फहराया भाजपा का विजय ध्वज. अटूट संकल्प, सुनियोजित रणनीति और उस पर अचूक अमल की पूरी अंतर्कथा
13 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
एक कदम आत्म-निर्भरता की ओर
देश में सैन्य और नागरिक हेलिकॉप्टरों की अप्रत्याशित मांग बढ़ने के साथ ही निजी कंपनियां इसे पूरी करने के लिए विदेशी कंपनियों से साझेदारी कर रहीं. यह भारत के आत्मनिर्भर एअरोस्पेस हब बनने की दिशा में साबित हो सकता है अहम मोड़
6 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
उल्टे पांव चलता 'इंडिया'
संसद में डटकर खड़ा रहने वाला गठबंधन राज्यों में लगातार जमीन खोता जा रहा. इसके सिकुड़ते नक्शे ने रणनीति, नेतृत्व और पहचान को लेकर मतभेदों को उघाड़कर रख दिया
7 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
बढ़ती उम्र को यूं बनाएं वरदान
अपनी नई किताब द लॉन्जेविटी कोड में राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद खोल रहे बेहतर और लंबा जीवन जीने का राज
1 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
यहां तो रंगासामी सदाबहार
मतदाताओं के बीच एन. रंगासामी की लोकप्रियता के बूते पर एनडीए ने कांग्रेस की अगुआई वाली चुनौती को किया ध्वस्त
2 mins
May 20, 2026
India Today Hindi
एक दरवेश, एक तहजीब और कई यादें
सिख न ईसाई, न हिंदू, न मुसलमान है तू तेरा ईमान यह कहता है कि इंसान है तू
2 mins
May 20, 2026
Listen
Translate
Change font size
