Facebook Pixel यह है पेपर लीक की असल कहानी | DASTAKTIMES - news - Les denne historien på Magzter.com
Gå ubegrenset med Magzter GOLD

Gå ubegrenset med Magzter GOLD

Få ubegrenset tilgang til over 9000 magasiner, aviser og premiumhistorier for bare

$149.99
 
$74.99/År

Prøve GULL - Gratis

यह है पेपर लीक की असल कहानी

DASTAKTIMES

|

October 2025

नकल से सरकारी नौकरी पाने के लिए खालिद ने ऐसे रची थी साजिश

यह है पेपर लीक की असल कहानी

उत्तराखंड में असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर, पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास पंचायत अधिकारी समेत ग्रेजुएट लेवल के कई पदों पर भर्ती निकली तो खालिद ने तय कर लिया कि सरकारी नौकरी पाने के लिए यह परीक्षा उसे हर हाल में पास करनी है। इसके लिए उसने एक फुलप्रूफ प्लान तैयार किया। फिर परीक्षा शुरू होते ही वह चुपके से प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल कैमरे से खींचेगा और उसे हल कराने के लिए प्रश्नपत्र का स्क्रीन शॉट बाहर बैठे किसी विशेषज्ञ को भेजेगा। विशेषज्ञ उसके नंबर पर जवाब भेजेगा जिसे वह आंसरशीट में भर देगा।

अब खालिद मलिक को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश थी, जो उसे प्रश्नों का उत्तर बता सके। इसके लिए उसने टिहरी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त एक महिला सुमन को चुना। सुमन से उसकी मुलाकात साल 2018 में हुई थी।

तब खालिद पीडब्ल्यूडी में संविदा पर कनिष्ठ अभियंता के पद पर काम कर रहा था। उस समय सुमन नगर निगम ऋषिकेश में टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थी और उसका पति पीडब्ल्यूडी में ही ठेकेदारी करता था। खालिद की उसके पति से ही शुरुआती जान पहचान थी। खालिद को पता चला कि उसकी पत्नी सुमन की प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी तैयारी है। वह कई परीक्षाएं पास कर चुकी है। बाद में सुमन 2020 में टिहरी में कंपटीशन पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर तक बन गई थी। खालिद ने इस परीक्षा से कुछ दिन पहले सुमन से फोन पर बात कर अपनी बहन हिना के एग्जाम की तैयारी के लिए मदद मांगी। उससे यह भी कहा कि वह कुछ प्रश्न मोबाइल पर भेजेगी जिसका उत्तर लिखकर वह वापस भेज दे। बेखौफ सुमन इसके लिए राजी हो गई।

imageपहले परीक्षा केंद्र की रेकी हुई

FLERE HISTORIER FRA DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल

अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

time to read

8 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी

लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

खिड़की जो बंद हो गई!

दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित

यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

एक सदी औरतों के नाम

इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गांव-गांव चली धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मासूम तानाशाह

किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी

time to read

10 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।

time to read

7 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

बिहार के लिए नबीन के मायने

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

राम कृपा नासहिं सब रोगा

प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।

time to read

2 mins

January 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size