Facebook Pixel अगड़ों के सहारे पिछड़ों की सियासत चमकाती बीजेपी | DASTAKTIMES - news - Les denne historien på Magzter.com

Prøve GULL - Gratis

अगड़ों के सहारे पिछड़ों की सियासत चमकाती बीजेपी

DASTAKTIMES

|

December 2023

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की नाराजगी ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

- संजय सक्सेना

अगड़ों के सहारे पिछड़ों की सियासत चमकाती बीजेपी

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की पिछड़ा सियासत के बड़े खिलाड़ी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी इस बात का अहसास हो रहा है कि बीजेपी आलाकमान और योगी सरकार उनके साथ यूज एंड थ्रो' वाली राजनीति कर रही है। इसी के चलते वह आजकल अपनी ही सरकार और संगठन (बीजेपी) से नाराज चल रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी जो कभी अगड़ों की राजनीति करती थी, उसने पिछले दो-तीन दशक में अपना चाल, चरित्र और चेहरा काफी बदल लिया है। अब उसे अगड़ों के साथ दलित और पिछड़ों के वोटों की भी दरकार रहती है। दलितों और पिछड़ों को अपने पाले में लाने के लिए बीजेपी ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश को इसकी 'प्रयोगशाला' बनाया था। यह उस दौर की बात थी जब समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव अपने आप को पिछड़ों का और बसपा सुप्रीमो मायावती दलितों का मसीहा समझती थीं। बीजेपी ने हिन्दुत्व के नाम पर इनके वोट बैंक में सेंधमारी की, जिसका परिणाम यह हुआ कि यूपी में कल्याण सिंह जैसा पिछड़ा समाज का नेता उभर कर आया। कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे। आज भी कल्याण सिंह के सरकार चलाने की क्षमता का लोग लोहा मानते हैं लेकिन यूपी बीजेपी में सभी पिछड़े समाज के नेताओं का भाग्य कल्याण सिंह जैसा नहीं रहा। बीजेपी में लोध समाज से आने वाले कल्याण सिंह सबसे बड़े ओबीसी नेता के तौर पर उभरे थे तो इसी समय प्रेमलता कटियार, विनय कटियार, रमापति शास्त्री, ओम प्रकाश सिंह जैसे नेता मंडलकमंडल दोनों की राजनीति में कोई खास फिट बैठे या कहें अगड़ों की पार्टी में यह नेता कहीं न कहीं 'पिछड़' गये। वैसे बता दें कि कल्याण सिंह जैसे बड़े नेता को भी कई बार पार्टी के भीतर अपमानित होना पड़ा था। एक बार तो उन्होंने पार्टी तक छोड़ दी थी। 

FLERE HISTORIER FRA DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल

अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

time to read

8 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी

लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

खिड़की जो बंद हो गई!

दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित

यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

एक सदी औरतों के नाम

इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गांव-गांव चली धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मासूम तानाशाह

किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी

time to read

10 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।

time to read

7 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

बिहार के लिए नबीन के मायने

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

राम कृपा नासहिं सब रोगा

प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।

time to read

2 mins

January 2026

Translate

Share

-
+

Change font size