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जब मोदी भी बिना कहे न रह सके, वाह धामी जी वाह!
DASTAKTIMES
|November 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे की धमक से धामी सरकार गदगद है। गढ़वाल में चारधाम यात्रा की तरह कुमाऊं में मानसखंड यात्रा के लिए गलियारा तैयार करने का मुख्यमंत्री जो सपना देख रहे हैं, पीएम ने उसे नई उड़ान दे दी है। बकौल पीएम, हमारी सरकार केदारखंड और मानसखंड की कनेक्टिविटी पर बहुत जोर दे रही है। जो लोग केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाते हैं, वे आस्था के केंद्र जागेश्वर धाम, आदि कैलाश और ओम पर्वत भी आसानी से आ सकेंगे।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के दौरे पर आए तो एक बार फिर उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पीठ थपथपाई। इससे राज्य के विकास की उम्मीद जगने के साथ ही पुष्कर सिंह धामी ने किस प्रकार से हाईकमान का दिल जीता है, इसकी भी एक बानगी देखने को मिली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल खोलकर मुख्यमंत्री के तारीफों के पुल बांधे। उससे साफ है कि आने वाले दिनों में विकास की गाड़ी उत्तराखंड में और तेजी से दौड़ेगी। पीएम ने अपने पिथौरागढ़ दौरे की जो पटकथा लिखी, उसमें सीएम धामी का किरदार उन्होंने बेहद करीब रखा, बल्कि पूरे दौरे में धामी के मन के अनुरूप भरोसा जताया और संदेश दिया। पीएम की धमक के साथ धामी की धूम साफ नजर आई। जनसभा के मंच पर पीएम मोदी के मुंह से अनायास ही निकला, वाह धामी जी वाह । उनकी पीठ थपथपाकर उन्होंने उत्तराखंड की सियासत में धामी की मजबूती का संदेश साफ कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तराखंड की यात्राओं को गौर से देखें तो राजनीतिक और प्रशासनिक न होकर एक आध्यात्मिक यात्रा होती है। राजनीतिक सक्रियता और प्रधानमंत्री बनने के पहले से उनका उत्तराखंड से आध्यात्मिक जुड़ाव जगजाहिर है। यही कारण है उत्तराखंड में उनके भाषण में एक प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता से अधिक आध्यात्मिक पहलू कहीं अधिक उभरकर दिखता है। बतौर प्रधानमंत्री, देश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के पुनर्निर्माण पर लगातार बल देकर उभरी जातिगत राजनीति से सनातन को होने वाले नुकसान का संदेश भी इस यात्रा में छिपा दिखा।
Denne historien er fra November 2023-utgaven av DASTAKTIMES.
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