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सर्दियों में कैसे रखें बच्चों का ख्याल
Sadhana Path
|December 2024
गर्मियों की तपिश के बाद ठंडी हवाओं के चलते ही मन राहत महसूस करने लगता है, मगर यही सर्द हवाएं अपने साथ रूखापन, खांसी और जुकाम जैसी सौगात लेकर आती हैं, जो बड़े बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी परेशानी का सबब बन जाती हैं। अगर आप भी सर्दियों में अपने बच्चों को रखना चाहती हैं स्वस्थ, तो बरतें ये खास सावधानियां -
सर्दियों के दस्तक देते ही सर्द हवाओं का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर बच्चों में सर्दी और खांसी की वजह साबित होता है। ऐसे में अगर बात बच्चों की सेहत की करें तो उनका ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। चाहे उनका खेलना हो, घूमना हो, खाना हो या फिर नहाना। हर जगह सावधानी बरतनी बेहद आवश्यक होती है। दरअसल, ये एक ऐसी उम्र है, जहां बच्चे अपना ख्याल खुद नहीं रख पाते हैं। तो ऐसे में हमें कुछ खास बातों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि उन्हें सर्दी की नज़र न लगे। सबसे पहले बात करेंगे बच्चों के कपड़ों की।
बच्चों को ठीक से कपड़े पहनाएं
अगर आपका बच्चा छोटा है, तो ठंड में उसे मोटे और पूरे कपड़े पहनाएं। बच्चे के सिर, पैर और कानों को ढककर रखें। हमेशा बच्चे को 2-3 कपड़े पहनाकर रखें। कपड़े लेयरिंग में पहनाएंगे तो ज्यादा बेहतर रहेंगे। 1-2 कपड़े की जगह 3-4 पतले कपड़े उसके शरीर को ज्यादा गर्म रखेंगे। ठंड में कॉटन की जगह ऊनी जुराबें पहनाएं। घुटने के बल चलने वाले बच्चों को हाथों में भी दस्ताने पहनाएं। इसके अलावा, बड़े बच्चों को भी खेलते वक्त दस्ताने, जूते और टोपी पहनाना न भूलें। इससे बच्चे ठंड से बचे रहेंगे और बीमारी का खतरा भी कम होगा।
सफाई भी जरूरी
नवजात शिशु को 2-3 दिन छोड़कर नहलाना चाहिए। वैसे रोजाना गुनगुने पानी में तौलिए को भिगोकर बच्चे के शरीर को पोछें। बड़े बच्चों को रोजाना नहलाने की कोशिश करें। हालांकि सर्दी में गुनगुने पानी से ही नहलाएं। रोजाना नहलाने का फायदा ये होगा कि आपका बच्चा कीटाणुओं की चपेट में नहीं आएगा। दरअसल, बच्चे दिन भर खेलने में व्यस्त रहते है, ऐसे में उनके हाथ, पैर और कपड़े कीटाणुओं की चपेट में भी आते हैं। बच्चों को साफ और स्वस्थ रखने के लिए रोज़ नहलाना चाहिए और पूरे कपड़े रोज़ाना बदलने चाहिए।
टीवी टाइम Denne historien er fra December 2024-utgaven av Sadhana Path.
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