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सपने मार्गदर्शक हैं अपने
Sadhana Path
|February 2023
मनुष्य गहरी नींद में सूक्ष्माकार होकर अपने भूत और भविष्य से संपर्क स्थापित करता है। यही संपर्क स्वप्न का कारण और स्वप्न का माध्यम बनता है। स्वप्न के मूल में हमारे जीवन में घटित घटनाएं होती हैं। सभी प्राणियों में मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जो स्वप्न देख सकता है। जानते हैं इन सपनों का रहस्य इस आलेख से।
जागृतवस्था में देखे, सुने एवं अनुभूत प्रसंगों की पुनरावृत्ति, सुषप्तावस्था में मनुष्य को किसी न किसी रूप में एवं कभी-कभी बिना किसी प्रारंभ के, शुभ और अशुभ स्वप्न के रूप में दिग्दर्शित होती है। माना जाता है कि रात्रि के प्रथम प्रहर में यदि स्वप्न दिखाई दे तो उसका
फल एक वर्ष में मिलता है। दूसरे प्रहर के स्वप्न का फल छह महीने में, तीसरे प्रहर के स्वप्न का फल तीन माह में और आखिरी चतुर्थ प्रहर व ब्रह्म मुहुर्त में देखे गए स्वप्न का फल एक माह में मिलता है। सूर्योदय के समय देखे गए स्वप्न का फल कुछ ही घंटों में मिल जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के संहिता ग्रंथों एवं अनेक पुराणों में स्वप्नों के शुभाशुभ फलों का विस्तृत विवरण मिलता है। कभी-कभी स्वप्न के माध्यम से हमें भविष्य में होने वाली शुभ या अशुभ घटना का संकेत मिलता है। बहुत से व्यक्तियों के ऐसे अनुभव सुनने में आए हैं कि उनको किसी शुभ या अशुभ घटना का संकेत पहले ही स्वप्न में मिल गया था। आज के आधुनिक समाज में भी स्वप्न की मान्यता कम नहीं है। आज के समय में ज्योतिष के साथ-साथ इसका वैज्ञानिक महत्त्व भी बढ़ता जा रहा है।
विभिन्न पुराणों व ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार कई स्वप्न शुभ फल प्रदान करते हैं जैसे कि स्वप्न में पर्वत, महल, हाथी, घोड़ा, गाय, दीपक, सीप, वृक्ष या शिखर पर चढ़ना, सूर्योदय, स्वर्ण इत्यादि का दिखना या इनकी चर्चा होना शुभ फलदायक होता है। इसके अलावा और भी कई तरह के स्वप्न हम सभी निद्रावस्था में देखते हैं जो शुभ एवं फलदायी हैं-
Denne historien er fra February 2023-utgaven av Sadhana Path.
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