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प्राकृतिक खाद्यों में विश्व का नेतृत्व करे भारत

Modern Kheti - Hindi

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1st April 2025

विश्व की खाद्य व कृषि व्यवस्था पर चंद बहुराष्ट्रीय कंपनियों का अधिक व बढ़ता नियंत्रण एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। एक समय अनेक किसान व सामाजिक आंदोलनों की उम्मीद थी कि इन विशालकाय कंपनियों के नियंत्रण से मुक्ति के प्रयासों में चीन से बड़ी सहायता मिलेगी। पर हाल के समय में चीन ने जो नीतियां अपनाई हैं, उनसे तो लगता है कि वह स्वयं इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों की राह पर ही चल निकला है।

- भारत डोगरा

प्राकृतिक खाद्यों में विश्व का नेतृत्व करे भारत

बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने खाद्य व्यवस्था पर अपने नियंत्रण के लिए प्रायः जेनेटिक स्तर पर संवर्धित फसलों की तकनीक का बहुत उपयोग किया है। कुछ समय तक तो चीन ने इन जीएम फसलों से अपनी दूरी बनाए रखी, पर हाल के समय में इसने तेजी से अनेक जीएम खाद्य फसलों को अपना लिया है। इसी तरह जीएम खाद्यों के आयात पर प्रतिबंध भी ढीले कर दिए गए। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि चीन की एक बहुत बड़ी सरकारी नियंत्रण की कंपनी ने 43 अरब डालर के एक सौदे में ऐसी एक बड़ी पश्चिमी कंपनी का अधिग्रहण कर लिया जो जीएम फसलों के प्रसार के लिए जानी जाती है व विकासशील देशों के बीज पर अधिक नियंत्रण करने के जिसके प्रयासों की आलोचना होती रही है। लगता है कि चीन की यह सरकारी कंपनी भी आज नहीं तो कल विकासशील देशों में जीएम फसलों का प्रचार ही करेगी। इस तरह विश्व स्तर के जन-आंदोलनों व किसान आंदोलनों में चीन की इस सरकारी नियंत्रण की कंपनी की भी वैसी ही निंदा होगी जैसी कि पहले पश्चिमी देशों में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनियों की होती रही हैं।

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