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किसानों के लिए वरदान है लो कॉस्ट पॉली टनल तकनीक
Modern Kheti - Hindi
|1st April 2025
लो कॉस्ट पॉली टनल तकनीक छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है। इससे किसान कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी तैयार कर सकते हैं और फसल की अगेती उपज से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। यह तकनीक न केवल उत्पादन लागत को कम करती है, बल्कि जैविक एवं सुरक्षित सब्जी उत्पादन को भी बढ़ावा देती है।
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वर्तमान समय में किसानों को कृषि में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है ताकि वे स्वस्थ, रोग मुक्त एवं अधिक उत्पादक फसलें प्राप्त कर सकें। ग्रीष्मकालीन सब्जियों की अगेती खेती किसानों के लिए अत्याधिक लाभकारी होती है, क्योंकि बाजार में जल्दी उपलब्ध होने वाली सब्जियों की कीमत अधिक होती है। हालांकि, उत्तर भारत जैसे ठंडे जलवायु वाले क्षेत्रों में जनवरी-फरवरी के महीनों में कम तापमान के कारण बीजों का अंकुरण प्रभावित होता है, जिससे नर्सरी तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए लो कॉस्ट पॉली टनल तकनीक एक अत्याधिक प्रभावी एवं सस्ती विधि के रूप में उभरी है। यह विधि एक संरक्षित वातावरण प्रदान करके नर्सरी पौधों को प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों से सुरक्षित रखती है। इससे किसान अगेती नर्सरी तैयार कर सकते हैं और फसल को जल्दी तैयार कर अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।
लो कॉस्ट पॉली टनल क्या है?
लो कॉस्ट पॉली टनल पारंपरिक पॉलीहाउस का लघु एवं किफायती रूप है, जिसे कम लागत में तैयार किया जा सकता है। यह छोटे एवं मध्यम स्तर के किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि इसमें नियंत्रित तापमान एवं नमी बनाए रखने की सुविधा होती है।
संरचना एवं सामग्री
>> यह टनल बांस, लोहे की छड़ें, या PVC पाईप से बनाई जाती है।
Denne historien er fra 1st April 2025-utgaven av Modern Kheti - Hindi.
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