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पॉली हाउस में सब्जियों का उत्पादन

Modern Kheti - Hindi

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1st April 2025

पॉली हाउस ऐसे ढांचे हैं जो परम्परागत कांच घरों के स्थान पर बेमौसमी फसलोत्पादन के लिए उपयोग में लाए जा रहे हैं। ये ढांचे बाह्य वातावरण के प्रतिकूल होने के बावजूद भीतर उगाये गये पौधों का संरक्षण करते हैं और बेमौसमी नर्सरी तथा फसलोत्पादन में सहायक होते हैं, साथ ही पॉली हाउस में उत्पादित फसल अच्छी गुणवत्ता वाली होती है।

- श्रीओम *, डॉ. गुलाबचन्द यादव **, जितेन्द्र कुमार*, *शोधछात्र, ** सहायक अध्यापक, सब्जी विज्ञान विभाग, उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय, नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज फैजाबाद (उ.प्र.)-224229

पॉली हाउस में सब्जियों का उत्पादन

पॉली हाउस की संरचना : ढांचे की बनावट के आधार पर पॉली हाउस कई प्रकार के होते हैं। जैसे-गुम्बदाकार, गुफानुमा, रूपांतरित गुफानुमा, झोपड़ीनुमा आदि। पहाड़ों पर रूपांतरित गुफानुमा, झोपड़ीनुमा डिजायन अधिक उपयोगी होते हैं। ढांचे के लिए आमतौर पर जीआई पाइप या एंगिल आयरन का प्रयोग करते हैं जो मजबूत एवं टिकाऊ होते हैं। अस्थाई तौर पर बांस के ढांचे पर भी पॉली हाउस निर्मित होते हैं जो सस्ते पड़ते हैं। आवरण के लिए 600-800 गेज की मोटी पराबैंगनी प्रकाश प्रतिरोधी प्लास्टिक शीट का प्रयोग किया जाता है। इनका आकार 30-100 वर्गमीटर रखना सुविधाजनक रहता है। निर्माण लागत तथा वातावरण पर नियंत्रण की सुविधा के आधार पर पॉली हाउस तीन प्रकार के होते हैं।

1. लो कास्ट पॉली हाउस साधारण पॉली हाउस : इसमें यंत्रों द्वारा किसी प्रकार का कृत्रिम नियंत्रण वातावरण पर नहीं किया जाता।

2. मीडियम कास्ट पॉली हाउस : इसमें कृत्रिम नियंत्रण के लिए (ठंडा या गर्म करने के लिए) साधारण उपकरणों का ही प्रयोग करते हैं।

3. डाई कास्ट पॉली हाउस : इसमें आवश्यकता के अनुसार तापक्रम, आर्द्रता, प्रकाश, वायु संचार आदि को घटा-बढ़ा सकते हैं और मनचाही फसल किसी भी मौसम में ले सकते हैं।

सब्जियों का चुनाव : पॉली हाउस में बेमौसमी उत्पादन के लिए वही सब्जियां उपयुक्त होती हैं जिसकी बाजार में मांग अधिक हो और वे अच्छी कीमत पर बिक सकें। पर्वतीय क्षेत्रों में जाड़े में मटर, पछेती फूलगोभी, पत्तागोभी, फ्रेंचबीन, शिमला मिर्च, भिंडी, बैंगन, मिर्च, पत्तागोभी एवं लौकी वर्गीय सब्जियां ली जा सकती हैं। फसलों का चुनाव क्षेत्र की ऊंचाई के आधार पर कुछ भिन्न हो सकता है। वर्षा से होने वाली हानि से बचाव के लिए अगेती फूलगोभी, टमाटर, मिर्च आदि की पौध भी पॉली हाउस में डाली जा सकती है। इसी प्रकार ग्रीष्म में शीघ्र फलन लेने के लिए लौकीवर्गीय सब्जियों टमाटर, बैंगन, मिर्च, शिमला मिर्च की पौध भी जनवरी में पॉली हाउस में तैयार की जा सकती है।

उन्नत किस्में

टमाटर : सामान्य किस्में-पंत टी-3, पूसा गौरव, संकर किस्में-रूपाली, नवीन, एमटीएच-15, अविनाश-2, मनिषा, नूतन

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