Gå ubegrenset med Magzter GOLD

Gå ubegrenset med Magzter GOLD

Få ubegrenset tilgang til over 9000 magasiner, aviser og premiumhistorier for bare

$149.99
 
$74.99/År

Prøve GULL - Gratis

कपास की सुरक्षित खेती, वैज्ञानिक तरीकों से ही होती

Modern Kheti - Hindi

|

September 15, 2023

कपास एक अत्यंत महत्वपूर्ण नकदी फसल है। यह वातावरण, मृदा एवं कीटों के प्रति एक संवेदनशील फसल है। कपास की कृषि प्रक्रिया में छोटी सी चूक भी कम लाभ या हानि होने की संभावनाओं को बढ़ा देती है। कपास की खेती में उचित खनिज पोषण, खरपतवार नियंत्रण, कीट नियंत्रण एवं रोग नियंत्रण ही कपास की खेती को सुरक्षित एवं लाभप्रद बनाता है।

- शुभम् लाम्बा, कर्मल सिंह मलिक, अनिल जाखड़, अनिल कुमार सैनी, शिवानी मानधनियाँ, सोमवीर, संदीप कुमार, मीनाक्षी जाटाण, कपास अनुभाग, आनुवंशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग

कपास की सुरक्षित खेती, वैज्ञानिक तरीकों से ही होती

कपास हमारे देश की एक अत्यंत महत्वपूर्ण नकदी फसल है। हमारे इस विशाल कृषि प्रधान देश के अनेक किसान कपास की खेती से जुड़े हुए हैं। जहाँ एक तरफ कपास की खेती से अधिक लाभ उठाया जा सकता है तो वही दूसरी तरफ कृषि प्रक्रिया में छोटी सी चूक भी कम लाभ या हानि होने की संभावनाओं को बढ़ा देती है। कृषि प्रक्रिया में चूक होने की संभावना अक्सर फसल में खनिज पोषण, खरपतवार नियंत्रण, कीट नियंत्रण एवं रोग नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण परिस्थितियों में हो सकती हैं इसलिए किसान भाइयों से अनुरोध है कि प्रस्तुत लेख में इन सभी नाजुक परस्थितियों से निपटने के लिए दिए गए वैज्ञानिक तरीकों का अनुसरण एवं पालन अवश्य करें जिससे कपास की खेती सुरक्षित एवं लाभदायी बन सके।

कपास में खनिज पोषण

नत्रजन: नत्रजन एक अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं जिसकी कमी के कारण कोई भी पौधा जीवित नहीं रह सकता। कपास की फसल में नत्रजन की कमी के कारण पत्तियाँ पीली पड़ने लगती हैं और अधिक कमी होने पर गाढ़े लाल या भूरे रंग के धब्बे पत्ती के किनारों पर बनने शुरू हो जाते हैं।

रोकथाम: नत्रजन आमतौर पर यूरिया उर्वरक द्वारा दिया जाता है। इसकी कमी के आसार दिखाई देने पर तुरंत 2% यूरिया का छिड़काव पत्तों पर बौछार द्वारा करना चाहिए तत्पश्चात नियमानुसार खेत में यूरिया का छिड़काव करना चाहिए।

फास्फोरस: इस पोषक तत्व की कमी से कपास के पत्ते छोटे एवं गाढ़े हरे रंग के हो जाते हैं और अंत में गाढे लाल-बैंगनी रंग के होकर सूख जाते हैं। फास्फोरस की कमी से टिंडों का आकार छोटा हो जाता हैं, टहनियां कम बनती हैं एवं टिंडा देर से पकता हैं।

FLERE HISTORIER FRA Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

मक्का की बिजाई करने के लिए मेज़ प्लांटर

मक्का की बिजाई करने वाली मशीन, मेज़ प्लांटर को नेशनल एग्रो इंडस्ट्रीज़ की ओर से बनाया गया है।

time to read

1 min

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

घृतकुमारी का औषधीय योगदान एवं महत्व

कुमारी, गृह कन्या, घृतकुमारिका आदि, इसके पत्तों में छेद करने या दबाने पर लसलसा पदार्थ निकलता है।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

क्या जीनोम-संपादित धान की किस्में उचित हैं ?

देश के शीर्ष कृषि अनुसंधान संस्थान आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) और कृषि मंत्रालय पर जीनोम-संपादित (जीनोम-एडीटेड) धान के परीक्षणों में वैज्ञानिक हेरफेर और बेईमानी के आरोप लगे हैं।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

गन्ना की खेती देखभाल और पैदावार

गन्ना एक प्रमुख व्यवसायिक फसल है, विषम परिस्थितियां भी इसकी फसल को बहुत अधिक प्रभावित नहीं कर पाती।

time to read

10 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

खाद्य उत्पादन की बढ़ती मांग से धरती पर पड़ रहा है प्रभाव

इसमें कोई शक नहीं कि इंसानी सभ्यता ने अपने विकास के लिए प्रकृति का बड़े पैमाने पर दोहन किया है।

time to read

3 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

टिकाऊ कृषि विकास के लिए भूमि सुधार आवश्यक ...

कृषि के मुख्यतः तीन प्रमुख स्तम्भ हैं-मिट्टी, पानी और बीज परंतु गत कुछ दशकों में परंपरागत कृषि तकनीकों जैसे अत्याधिक जुताई, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग एवं जैविक खाद के कम उपयोग, इत्यादि के कारण मिट्टी की गुणवत्ता में बहुत गिरावट आई है।

time to read

8 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

निराशा से समाधान तक कैसे भारत पराली जलाने की समस्या का कर सकता है अंत

पराली जलाने की समस्या का हल संभव है। समझदारी बरतते हुए अगले तीन वर्षों में इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं अरुणाभ घोष और कुरिंजी केमांथ

time to read

5 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

अलसी की खेती से लाभ कमाएं

अलसी तेल वाली फसलों में दूसरी खास फसल है।

time to read

8 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

क्रांतिकारी मॉडल विकसित करने वाले सफल किसा सीताराम निगवाल

मध्यप्रदेश के धार जिले के किसान सीताराम निगवाल ने 30 वर्षों के अनुभव से खेती का एक क्रांतिकारी मॉडल, विकसित किया है।

time to read

2 mins

15th November 2025

Modern Kheti - Hindi

Modern Kheti - Hindi

भूमि क्षरण से बढ़ रहा कुपोषण

लगभग 1.7 अरब लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां मानवीय कारणों से भूमि के क्षरण के चलते फसलों की पैदावार घट रही है।

time to read

2 mins

15th November 2025

Translate

Share

-
+

Change font size