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...तो जीवनदाता तुम्हारा आत्मा प्रकट हो जायेगा

Rishi Prasad Hindi

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February 2022

सत्संग में हमारे विवेक का दीया जलता है लेकिन हम रक्षा नहीं करते इसलिए बुझ जाता है।

- पूज्य बापूजी

...तो जीवनदाता तुम्हारा आत्मा प्रकट हो जायेगा

जीवन में विवेक का आदर होने से स्वभाव में असंगता आयेगी । स्वार्थ से संगदोष लगता है और विवेक से संग में रहते हुए भी असंगता आती है । जैसे हवा सबसे मिलती-जुलती है फिर भी आकाश में देखो असंग है । आकाश सबसे मिला है फिर भी असंग है, सूर्य सबसे मिला है फिर भी असंग है, ऐसे ही विवेक के आदर से तुम सबसे मिलते हुए भी असंग रहोगे । वासना के कारण संगदोष लगता है लेकिन विव

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