試す 金 - 無料
भारत और रूस संबंधों को नई मजबूती
DASTAKTIMES
|August 2024
तीसरी बार पीएम पद संभालने के बाद मोदी ने अपने पहले विदेश दौरे के लिए रूस जाने का फैसला किया। गौरतलब है कि जिस वक्त मोदी रूस के दौरे पर थे उस वक्त पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन, नेटो की बैठक की तैयारी हो रही थी । अमेरिका में होने वाली नेटो की इस बैठक में यूक्रेन के लिए सहयोग और नेटो की उसकी सदस्यता अहम मुद्दा था। जानकार मानते हैं कि मोदी का रूस दौरा पश्चिमी देशों को इशारा है कि वह अपनी रक्षा और अन्य जरूरतों के लिए पूरी तरह पश्चिमी देशों पर निर्भर नहीं कर सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रूस यात्रा भारत की विदेश नीति के यथार्थवादी दृष्टिकोण से ऐतिहासिक रही। एक ऐसे समय में जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को लेकर पश्चिमी राष्ट्र अमेरिका के नेतृत्व में ध्रुवीकृत हो गए हैं, ऐसे में रूस के साथ संबंधों को निडरता के साथ विस्तार देना एक साहसिक कदम है। रूस यात्रा के दौरान मोदी और पुतिन के बीच शिखर वार्ता करीब दो घंटे तक चली। दोनों देश द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और व्यापार बढ़ाने के लिए तत्पर दिखाई दिए। इस बैठक में दोनों देशों के नेताओं ने 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के कारोबार का लक्ष्य रखा। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने रूस की सेना में भर्ती भारतीयों का भी मुद्दा उठाया जिस पर रूस की तरफ से जल्द से जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने भी इस यात्रा के हवाले से स्पष्ट किया है कि रूस की सेना में भर्ती भारतीयों की सही-सही संख्या के बारे में जानकारी नहीं है। हमें लगता है कि ऐसे लोगों की संख्या 35 से 50 थी जिसमें से 10 लोग देश लौट चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद उम्मीद है कि इस मामले का समाधान जल्द होगा। एक तरफ भारत और रूस के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ यह सब देखकर अमेरिका परेशान है। मोदी और पुतिन की मुलाकात से पहले अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को केंद्र में रखते हुए बयान दिया गया लेकिन पीएम मोदी ने दिखा दिया कि भारत रूस से अपनी दोस्ती नहीं छोड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दो दिवसीय हाई प्रोफाइल मॉस्को यात्रा के दौरान व्यापार, जलवायु और अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए है।
1. भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार से संबंधित गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को खत्म करने की उम्मीद जताई गई। संतुलित द्विपक्षीय व्यापार को जारी रखने के लिए भारत की आपूर्ति में बढ़ोतरी सहित, 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के आपसी व्यापार की उपलब्धि हासिल करना भी दोनों देशों का लक्ष्य है।
2. राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल करके द्विपक्षीय निपटान प्रणाली का विकास करना और आपसी निपटान में डिजिटल वित्तीय उपकरणों को बढ़ोतरी देने पर भी इस वार्ता का मुख्य मुद्दा रहा।
このストーリーは、DASTAKTIMES の August 2024 版からのものです。
Magzter GOLD を購読すると、厳選された何千ものプレミアム記事や、10,000 以上の雑誌や新聞にアクセスできます。
すでに購読者ですか? サインイン
DASTAKTIMES からのその他のストーリー
DASTAKTIMES
क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल
अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
8 mins
January 2026
DASTAKTIMES
हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी
लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।
5 mins
January 2026
DASTAKTIMES
खिड़की जो बंद हो गई!
दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।
6 mins
January 2026
DASTAKTIMES
अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित
यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
2 mins
January 2026
DASTAKTIMES
एक सदी औरतों के नाम
इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम
5 mins
January 2026
DASTAKTIMES
गांव-गांव चली धामी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय
6 mins
January 2026
DASTAKTIMES
मासूम तानाशाह
किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी
10 mins
January 2026
DASTAKTIMES
पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय
उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।
7 mins
January 2026
DASTAKTIMES
बिहार के लिए नबीन के मायने
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।
2 mins
January 2026
DASTAKTIMES
राम कृपा नासहिं सब रोगा
प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।
2 mins
January 2026
Listen
Translate
Change font size

