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आजादी के बाद पहली बार वोटिंग
DASTAKTIMES
|May 2024
झारखड जिसे 'जंगल की धरती' कहा जाता है, यह पूर्वी भारत में एक छोटा सा राज्य है। झारखंड का गठन 15 नवंबर सन् 2000 को किया गया था। पहले यह बिहार का दक्षिणी हिस्सा हुआ करता था। रांची इसकी वर्तमान राजधानी है। यहां से लोकसभा के लिए 14, राज्यसभा के लिए 6 और राज्य विधानसभा के लिए 82 सदस्य चुने जाते हैं।
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18 वीं लोकसभा के सदस्यों का चुनाव करने के लिए सभी दलों ने पूरे देश में चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। पूरे देश में लोकसभा की 543 सीटों पर 7 फेज में चुनाव हो रहे हैं। कहा जाता है कि मजबूत लोकतंत्र के लिए सभी मतदाताओं की वोटिंग में भागीदारी बहुत जरूरी है, क्योंकि मतदान की ताकत हमें हमारे संविधान से मिलती है और यह सभी भारतीय नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है लेकिन आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि आज भी देश के कई इलाके ऐसे हैं जहां कभी मतदान ही नहीं हुआ है। हालांकि इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं लेकिन अब इन इलाकों में पहली बार मतदान की व्यवस्था की जा रही है। झारखंड के सिंहभूम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में माओवाद से प्रभावित रहे कई अंदरूनी इलाकों में 13 मई को पहली बार या दशकों बाद मतदान होगा। वोटिंग के लिए मतदान कर्मियों और सामग्री को हेलीकॉप्टर के जरिए इन स्थानों पर उतारा जाएगा ताकि एशिया के सबसे घने 'साल' जंगल सारंडा में रहने वाले लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। चुनाव कर्मियों द्वारा दूरदराज इलाकों में 118 बूथ बनाए जाएंगे।
झारखंड में 4 चरणों में होगा मतदान
झारखंड की सभी 14 लोकसभा सीटों के लिए मतदान 4 चरणों 13, 20, 25 मई और 1 जून संपन्न होंगे, जबकि 4 जून को मतगणना होगी। सिंहभूम लोकसभा सीट पर 13 मई 2024 को चौथे चरण में वोट डाले जाएंगे।
उग्रवाद से प्रभावित इलाके
पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी कुलदीप चौधरी ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी मतदाता छूट न जाए। प्रशासन ने ऐसे कई क्षेत्रों की पहचान की है जहां पहली बार या लगभग दो दशक के बाद मतदान होगा क्योंकि ये स्थान माओवादी उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित थे। डीके मिडिल स्कूल और बोरेरो के मध्य विद्यालय जैसे मतदान केन्द्रों पर पहली बार मतदान होगा।
सिंहभूम सीट पर कितने मतदाता?
このストーリーは、DASTAKTIMES の May 2024 版からのものです。
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