कोशिश गोल्ड - मुक्त
आध्यात्मिक रक्षा व व्यापक प्रेम की प्रसादी प्रकटाने का दिवस
Rishi Prasad Hindi
|August 2023
हर लक्ष्य की प्राप्ति में सर्वप्रथम आवश्यकता है ऊँचे संकल्प की, ऊँचे विचारों की
रक्षाबंधन माने प्रेम का बंधन... प्रेम उस शुद्धस्वरूप परमात्मा में ले जाय, कहीं बीच में उलझा न दे इसलिए साधक के जीवन में रक्षा चाहिए। इस दिन बहन भाई को राखी बाँधती है, भाई के विचारों की रक्षा चाहती है, भाई की उन्नति चाहती है और भाई भी बहन के शील, सदाचार की रक्षा की जिम्मेदारी ले लेता है अपने सिर पर। बहन भाई के ललाट पर तिलक करती है कि 'मेरे भैया त्रिलोचन हो जायें, इस जगत को राग-द्वेष की आँख से न देखकर ज्ञान की आँख से देखें।' आध्यात्मिक रक्षा अधिक मिले ऐसे शुभ संकल्प इस दिन परस्पर किये जाते हैं। रक्षाबंधन का मतलब इतना ही नहीं है कि बहन ने भाई को राखी बाँध दी, उसे साड़ी मिल गयी, रुपये मिल गये और उत्सव पूरा हो गया... यह सगे भाई-बहन का ही उत्सव नहीं, यह तो पड़ोस की बहन को भी अपनी बहन और पड़ोस के भाई को भी अपना भाई मानकर एक-दूसरे के लिए
यह कहानी Rishi Prasad Hindi के August 2023 संस्करण से ली गई है।
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