कोशिश गोल्ड - मुक्त

सत्ता की तलवार लटकी होने पर भी सीधे चुनौती और भूमिगत पत्रकारिता संभव

Aaj Samaaj

|

July 06, 2025

भारत के कई सम्पादकों पत्रकारों ने विरोध के साथ सरकार को न केवल चुनौती दी, वरन भूमिगत गतिविधियों के लिए सूचनाएं पहुंचाने, लिखित या छपी सामग्री प्रकाशित कर देश भर में बंटवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई मैं 1971 से दिल्ली में न्यूज एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार में संवाददाता के रूप में कार्य कर रहा था राजनीतिक और संसद की रिपोटिंग करता था इसलिए गुजरात और बिहार के सरकार विरोधी आंदोलनों पर खबरों के साथ अखबारों में लेख भी लिखता था हिन्दुस्थान समाचार के प्रधान प्रबंध संपादक बालेश्वर अग्रवाल और ब्यूरो प्रमुख राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे थे

- आलोक मेहता

सत्ता की तलवार लटकी होने पर भी सीधे चुनौती और भूमिगत पत्रकारिता संभव

आपात काल (इमरजेंसी) में बड़े पैमाने पर राजनीतिक अत्याचार, गिरफ्तारियों, सेंसरशिप की चर्चा 50 वर्षों के बाद फिर गर्म हुई लेकिन इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सत्ता की तलवार लटकी होने के बावजूद भारत के कई सम्पादकों पत्रकारों ने विरोध के साथ सरकार को न केवल चुनौती दी, वरन भूमिगत गतिविधियों के लिए सूचनाएं पहुंचाने, लिखित या छपी सामग्री प्रकाशित कर देश भर में बंटवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई मैं 1971 से दिल्ली में न्यूज एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार में संवाददाता के रुप में कार्य कर रहा था राजनीतिक और संसद की रिपोर्टिंग करता था इसलिए गुजरात और बिहार के सरकार विरोधी आंदोलनों पर खबरों के साथ अखबारों में लेख भी लिखता था हिन्दुस्थान समाचार के प्रधान प्रबंध संपादक बालेश्वर अग्रवाल और ब्यूरो प्रमुख राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे थे, लेकिन भारतीय भाषाओं की प्रमुख न्यूज एजेंसी होने से कांग्रेस सरकार के कई मंत्रियों नेताओं से अच्छे संपर्क सम्बन्ध थे और मेरे जैसे युवा पत्रकार को उन्होंने ही इन नेताओं से मिलाया था' केंद्र और राज्यों की सरकारें एजेंसी की खबरों के टेलीप्रिंटर अपने दफ्तरों में लगाने के लिए हर महीने जो पैसा देती थी, वह आमदनी का प्रमुख स्रोत होता था इसलिए 1975 में इमरजेंसी लगने पर मेरे जैसे पत्रकारों के लिए बहुत बड़ा झटका था संयोग से संपादक के आदेश से कुछ महीने मुझे गुजरात में भी काम करना पड़ा और दिल्ली आना जाना चलता रहा सरकार द्वारा फरवरी 1976 में देश की दो अंग्रेजी और दो हिंदी की न्यूज एजेंसियों के विलय से पहले मुझे हिंदुस्तान टाइम्स की पत्रिका साप्ताहिक हिंदुस्तान में संवाददाता की नौकरी मिल गई इसलिए मुझे सत्ता तथा विरोध की गतिविधियों की जानकारियां भी मिलती रही। 26 जून, 1975 को राष्ट्रपति ने एक आदेश के जरिए आपातकाल की घोषणा के साथ कहा गया था कि देश में गंभीर संकट पैदा हो गया है। आंतरिक उपद्रवों के चलते देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। इमरजेंसी लगाने के साथ ही प्रेस पर भी हमला बोल दिया। इमरजेंसी की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन प्रेस सेंसरशिप का खाका तैयार नहीं था। सरकार की नजर में अखबारों को छपने से रोकना जरूरी था। अखबारों की बिजली 26 जून से लेकर 29 जून तक गुल रही। बाद में सरकार ने सेंसरशिप की रूपरेखा तैयार की और प्रमुख सूचना अधिकारी डॉ. बाजी को

Aaj Samaaj से और कहानियाँ

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

राशन कार्ड धारकों को 3000 रुपए कैश देगी तमिलनाडु सरकार

पोंगल पर्व से पहले तमिलनाडु सरकार ने राज्य के लाखों परिवारों को बड़ी राहत दी है।

time to read

1 min

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

झूठे वायदों से सत्ता में आकर पंजाब का शोषण कर रही है आप सरकार

आम आदमी पार्टी की सरकार पर बरसे हरियाणा के मुख्यमंत्री, बढ़ते नशे, बेरोजगारी और वायदाखिलाफी से पंजाब बेहाल

time to read

3 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

सेना की स्पेशल फोर्स 'भैरव' छुड़ाएगी अब दुश्मन के छक्के

आधुनिक युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए सेना ने एक लाख से ज्यादा ड्रोन ऑपरेटिव्स के साथ बनाया आधुनिक युद्ध बल

time to read

2 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

साल बदला है, किरदार वही होगा अदायें बदल सकती हैं, अदाकार वही होगा लिखेंगे कुछ नए पुराने फसाने फिर से, कहानी बदल सकती है, कलाकार वही होगा

जब इतना ज्यादा विकास चारों तरफ सब के सिर चढ़ कर बोल रहा है तो ये मौका आत्म मंथन का भी है कि इस विकास की अंधी दौड़ में हमने क्या खोया और क्या पाया? ये विचारणीय है कि हम अपने परिवार, अपने समाज और अपने देश को और बेहतर बनाने में किस तरह से योगदान दे सकते हैं? ऐसा अनुभव किया गया है कि बीते कुछ बरसों में देश में धर्म के नाम पर और धर्म की आड़ में काफी कुछ किया करवाया गया है।

time to read

8 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

सोमनाथ : अटूट आस्था के 1000 वर्ष

सोमनाथ ... ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है।

time to read

6 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

मकर संक्रांति पर दुर्लभ संयोग! षटतिला एकादशी से कई गुना बढ़ेगा स्नान-दान का फल

मकर संक्रांति इस बार बेहद खास होने जा रही है क्योंकि इसी दिन षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। सूर्यदेव और भगवान विष्णु की संयुक्त कृपा से इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ने की मान्यता है। मान्यता है कि इस विधि से पूजा करने पर जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है...

time to read

2 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

काराकस की गलियों में महीनों छिपकर रही सीआईए की सीक्रेट टीम

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के रोज के रूटीन को ट्रैक करते थे एजेंट

time to read

3 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

मादुरो को न्यूयॉर्क के डिटेंशन सेंटर में किया शिफ्ट, नई तस्वीर आई सामने

ड्रग तस्करी के गंभीर आरोपों का करना पड़ रहा है सामना

time to read

2 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

माइनस 22 डिग्री में जमी भागीरथी

जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान 0 से नीचे, उत्तरकाशी का गंगोत्री भी 'कांपा’

time to read

2 mins

January 05, 2026

Aaj Samaaj

Aaj Samaaj

'एक बार धोखे से विधायक हो गए थे, हैसियत ग्राम प्रधान की नहीं'

भाजपा नेता संगीत सोम पर बरसे रामगोपाल यादव

time to read

1 min

January 05, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size