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India Today Hindi
|August 13, 2025
क्षमता निर्माण और बेहतरीन परिपाटियों पर लगातार गहराई से ध्यान देकर एसआरएम तकनीकी शिक्षा का शक्तिकेंद्र बना. रैंकिंग ने भी इस पर लगाई मुहर
साल 1985 में स्थापना से लेकर भारत का एक अव्वल बहुविषयक विश्वविद्यालय होने अपने मौजूदा दर्जे तक एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी (एसआरएमआइएसटी) को हमेशा अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा को जोड़ने की उसकी महत्वाकांक्षा से परिभाषित किया जाता रहा है. आज इसके 1.5 करोड़ वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्रफल में समाहित छह कैंपस में 70,000 से ज्यादा छात्र और 4,500 संकाय सदस्य रहते हैं. इसकी वैश्विक पहुंच भी इतनी ही असरदार है, जिनमें 40 देशों के 1,000 अंतराराष्ट्रीय छात्र और शैक्षणिक यात्राओं पर आने वाले 260 एक्सचेंज स्टुडेंट शामिल हैं.
चेन्नै से 40 किमी दूर कटंकुलतूर में 460 एकड़ में फैले कैंपस से संस्थान की प्रगतिशील दूरदृष्टि की झलक मिलती है. फैब लैब, आइओएस डेवलपमेंट सेंटर (एपल और इन्फोसिस के सहयोग से बना) और ऊंचा प्रदर्शन करने वाली 240 प्रणालियों से सजी आइमैक लैब एक ऐसा ईको सिस्टम बनाते हैं जो रचनात्मकता और प्रयोगधर्मिता की प्रेरणा जगाता है. एसएमआरआइएसटी को एनआइआरएफ2024 (केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय) ने भारत के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में 12वीं रैंक और 2025 टाइम्स हायर एजुकेशन यूके ने बहुविषयी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 84वीं रैंक दी.
यह कहानी India Today Hindi के August 13, 2025 संस्करण से ली गई है।
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