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बैद्यनाथ धाम आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी
DASTAKTIMES
|August 2024
झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बैजनाथ धाम में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से नौवां ज्योतिर्लिंग है। यह देश का पहला ऐसा स्थान है जो ज्योतिर्लिंग के साथ ही शक्तिपीठ भी है। यूं तो ज्योतिर्लिंग की कथा कई पुराणों में है लेकिन शिवपुराण में इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी मिलती है।
झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बैजनाथ धाम में इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन के महीने में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुविधा, सुरक्षा और सुलभ जलार्पण के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। सभी विभागों को पुख्ता तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सख्त हिदायत दी गयी है कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लापरवाही करने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि बैद्यनाथ से यही कामना है कि हर साल की तरह इस साल भी श्रावणी मेला 2024 सफलतापूर्वक संचालित हो और जितने भी श्रद्धालु बाबा धाम आएं, सभी सकुशल जलपान के बाद अपने घर को पहुंच जाएं।
बैजनाथ धाम का है बड़ा महत्व
झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बैजनाथ धाम में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से नौवां ज्योतिर्लिंग है। यह देश का पहला ऐसा स्थान है जो ज्योतिर्लिंग के साथ ही शक्तिपीठ भी है। यूं तो ज्योतिर्लिंग की कथा कई पुराणों में है लेकिन शिवपुराण में इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी मिलती है। इसके अनुसार बैजनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं भगवान विष्णु ने की है। इस स्थान के कई नाम प्रचलित हैं- जैसे हरितकी वन, चिताभूमि, रावणेश्पर कानन, हृदयपीठ और कामना लिंग। कहा जाता है कि यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए मंदिर में स्थापित शिवलिंग को कामना लिंग भी कहते हैं। इसके अलावा इस धाम को अन्य कई नामों से भी जानते हैं।
यह कहानी DASTAKTIMES के August 2024 संस्करण से ली गई है।
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