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जानें एरियल एंटी-ग्रेविटी योग ट्रेंड के बारे में
Sadhana Path
|May 2026
एरियल योगा या एंटी ग्रेविटी योग आपके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, बशर्ते आप इसे योगा ट्रेनर की देख-रेख में करें, क्योंकि इसके सभी आसन हवा में किए जाते हैं। जानते हैं एरियल योगा से जुड़ी कुछ जरूरी बातों और फायदों के बारे में।
एक नया फिटनेस ट्रेंड इन दिनों देखने को मिल रहा है और वह है एंटी-ग्रेविटी योगा जिसे एरियल योगा भी कहते हैं। यूं तो यह ट्रेंड सेलिब्रिटीज़ के बीच तेजी से प्रचलन में है लेकिन अब आम लोग भी इसके बारे में जागरूक हो रहे हैं। एंटी-ग्रेविटी योग के जितने भी आसन होते हैं, उसे हवा में किया जाता है। इसके लिए एक सिल्क के कपड़े का इस्तेमाल करते हैं। इन आसनों में शरीर का भार पूरी तरह कपड़े पर निर्भर रहता है। इस कपड़े को लटका कर योग के कुछ मूवमेंट्स करते हुए कपड़े को शरीर से लपेट लेते हैं। व्यक्ति इस कपड़े के सहारे जितने भी योगासन करता है, वह जमीन से कुछ फीट ऊपर करता है, जिसके कारण इसे एंटी-ग्रेविटी योग कहते हैं।
इस एंटी ग्रेविटी योग की शुरुआत 1990 में हुई थी। चक्रासन, सूर्यनमस्कार, वज्रासन, हलासन, नटराजासन, वृक्षासन समेत कई तरह के आसन किए जा सकते हैं।एरियल योग का अभ्यास करने के लिए आपको जमीन से या अपनी सुविधा के अनुसार लगभग 2 से 3 फीट की सपोर्ट चेन द्वारा सीलिंग से लटके हुए झूला की जरूरत होती है। आपको अपने शरीर के वजन के साथ झूले से लटकने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है और एक्सरसाइज़ के दौरान आप इस पर जोर देते हैं क्योंकि यह 300 किलो तक वजन ले सकता है। झूला आपके योग सेशन में विविधता लाएगा और हवा में आसन करने का मज़ा भी अद्भुत है।
एंटी ग्रेविटी योगा की प्रक्रियायह कहानी Sadhana Path के May 2026 संस्करण से ली गई है।
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