कोशिश गोल्ड - मुक्त
मां तुझे प्रणाम
Sadhana Path
|May 2025
'मां' केवल जन्मदात्री नहीं है बल्कि 'मां' निर्मात्री भी है। मां का ओहदा सभी धर्मों में सबसे ऊपर माना गया है। 'मां' वो है जिसके आगे देवता भी सिर झुकाते हैं। 'मां' वो है जिसके ममता के आंचल में सारा संसार समा सकता है। प्रस्तुत है मां महत्त्व को उजागर करता यह लेख।
इंसान की जिंदगी में बहुत अहमियत रखता है मां और मां का रिश्ता। इंसान की पैदाइश से पहले ही इस रिश्ते के मां-बच्चे के बीच तार जुड़े होते हैं। मां अपने लख्ते जिगर को अपनी कोख में नौ माह तक अपने रक्त से पालती-पोसती है, उसे बड़ा करती है। यही एकमात्र रिश्ता है जिसमें संतान और मां नौ माह तक एक शरीर दो जान बन जाते हैं। मां की अपनी औलाद के प्रति प्रेम, स्नेह, लगाव, जुड़ाव, ममता, त्याग सहित अनेकानेक गुणों और खूबियों के मद्देनजर ही दुनिया के तमाम बड़े और महत्त्वपूर्ण धर्मों ने मां को विशेष दर्जा और ओहदा दिया है। विभिन्न धर्म ग्रंथों में मां की महिमा बताई गई है। दुनियावी रिश्ते में एकमात्र मां ही है जिसका उल्लेख विभिन्न धर्मग्रंथों में अन्य रिश्तों के मुकाबले कहीं अधिक और विस्तारित रूप से किया गया है।
मां के समान अन्य कोई देवता नहीं.....
वैदिक धर्म और भारतीय संस्कृति में नारी का गौरवपूर्ण वर्णन है। सभी शास्त्रों में माता के रूप में नारी को अभिनन्दनीय बताया गया है।
वेद संहिताओं में 'माता निर्माता भवति' कहकर माता को जीवन निर्मात्री की उपाधि दी गई है। वेदों में पांच देवों की पूजा का विधान है, उनमें से चार देवता धरती के और पांचवां देवता देवाधिदेव परमेश्वर है। उन चार देवताओं में प्रथम स्थान माता का है। उपनिषद में लिखा है 'मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव, अतिथि देवो भव।'
'कूर्म पुराण' में है, 'नास्ति मातृ समं दैवम' अर्थात् मां के समान अन्य कोई देवता नहीं है। 'ऋग्वेद' में परमेश्वर को माता और पिता कहा गया है- 'त्वं हि नः पिता त्वं माता शत क्रतो बभूविथ।'
माता ही बच्चों में संस्कार डालती है। वही उन्हें सीधी राह दिखाती है। इसलिए माता को बच्चे की प्रथम गुरु कहा गया है। 'मातृमान् पितृमान् आचार्यवान् पुरुषो वेद' अर्थात् प्रथम गुरु माता, दूसरा गुरु पिता और तीसरा गुरु आचार्य है।
अथर्ववेद में जन्मभूमि को भी मां कहा गया है। महाभारत में वेदव्यास ने तो माता को भूमि से भी बड़ा बताया है- 'माता गुरुतरा भूमेः।'
जन्नत मां के कदमों के नीचे है
यह कहानी Sadhana Path के May 2025 संस्करण से ली गई है।
हजारों चुनिंदा प्रीमियम कहानियों और 10,000 से अधिक पत्रिकाओं और समाचार पत्रों तक पहुंचने के लिए मैगज़्टर गोल्ड की सदस्यता लें।
क्या आप पहले से ही ग्राहक हैं? साइन इन करें
Sadhana Path से और कहानियाँ
Sadhana Path
आहार जो दिमाग और याददाश्त बढ़ाए
यदि कार्य या पढ़ाई के दौरान लगातार ऊर्जा मिलती रहे तो दिमाग तंदुरुस्त व उत्साहवर्धक बना रहता है।
8 mins
April 2026
Sadhana Path
क्या थायरॉइड है मां न बनने का कारण
मां बनना किसी भी महिला के जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है, लेकिन आजकल कई महिलाएं यंग एज में भी इस खुशी से दूर हैं। हाल के शोध से सामने आया है कि ज्यादातर वह महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं, जिन्हें थायरॉइड की समस्या है।
3 mins
April 2026
Sadhana Path
इन 6 तरीकों से केले के छिलके से दूर करें मुंहासे
आमतौर पर केला खाने के बाद हम उसके छिलके को ऐसे ही फेंक देते हैं।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
आपके लिए ये हैं प्रोटीन के बढ़िया विकल्प
प्रोटीन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। हर मनुष्य को इसकी जरूरत होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को हर रोज अपने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 ग्राम प्रोटीन के सेवन की जरूरत होती है। अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा ये खाद्य पदार्थ भी आपके शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाते हैं ...
4 mins
April 2026
Sadhana Path
संवेदनाओं के प्रकार अनेक
संवेदनाओं का खेल तो सतत् चलता रहता है। तनिक ध्यान से देखें तो अनुभव होगा कि शरीर के रोम-रोम में ऊर्जा प्रवाहित होती ही रहती है।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
विद्यार्थियों के लिए उपयोगी फेंगशुई
विभिन्न समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए 'फेंगशुई' का प्रयोग आजकल बहुत तेजी से बढ़ा है लेकिन क्या आप जानते हैं 'फेंगशुई' का प्रयोग हम एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं। कैसे ? जानते हैं इस लेख के माध्यम से।
1 min
April 2026
Sadhana Path
गेस्ट रूम के मानक नियम
प्रत्येक भवन अथवा प्रतिष्ठान में प्रायः अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) अवश्य बनवाया जाता है। इसका कारण यह है कि सभी परिवारों में उनके कुछ संबंधी, मित्र आदि अथवा प्रतिष्ठान से जुड़े लोग प्रायः दो-चार दिन के लिए किसी कार्य वश आते रहते हैं।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
मद्यपान-दुखों की खान
दस रुपये से दस हजार रुपये तक रोज खर्च करने वाले करीब चालीस करोड़ से भी अधिक भारतीय शराब, सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू, गुटखा, गांजा, भांग, पान मसाला, ब्राउन शुगर, स्मैक, अफीम, चरस, हेरोइन जैसी चीजों के आदती हैं।
4 mins
April 2026
Sadhana Path
क्या बच्चे एनर्जी ड्रिंक ले सकते हैं ?
गले को ठंडक देने के लिए बच्चों के लिए एनर्जी ड्रिंक काफी नुकसानदायक हैं। यहां जान लें बच्चों के लिए हेल्दी ड्रिंक के ऑप्शन ।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
ऐसे करें ब्रेस्ट कैंसर की जांच जानें लक्षण और उपचार
हर दिन की भाग दौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाती हैं, इसी कारण उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है । आज के दौर में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
3 mins
April 2026
Listen
Translate
Change font size
