कोशिश गोल्ड - मुक्त
विद्यार्थी संस्कार
Rishi Prasad Hindi
|July 2020
अपने प्रति न्याय और दूसरों के प्रति उदारता यह सिद्धांत निर्दोषता की सुरक्षा करता है।
-
आचार्य विनोबा भावे के पिता का नाम था नरहरि भावे और उनकी माँ का नाम था रखुमाई। रखुमाई और नरहरि भावे मानते थे कि 'अपनी कमाई के कुछ हिस्से का दानपुण्य करना चाहिए' तो एक गरीब विद्यार्थी को लाकर घर में रख देते थे। जब विनोबा विद्यार्थी थे तो उनकी माँ उनको धर्म की बातें सुनाती थीं : "बेटा ! ध्यान करने से यह लाभ होता है। भगवान का नाम लेना चाहिए, गरीबगुरबे क&
यह कहानी Rishi Prasad Hindi के July 2020 संस्करण से ली गई है।
हजारों चुनिंदा प्रीमियम कहानियों और 10,000 से अधिक पत्रिकाओं और समाचार पत्रों तक पहुंचने के लिए मैगज़्टर गोल्ड की सदस्यता लें।
क्या आप पहले से ही ग्राहक हैं? साइन इन करें
Rishi Prasad Hindi से और कहानियाँ
Rishi Prasad Hindi
सांस्कृतिक सम्पत्ति-विनाशक विकास-कार्यों से सांस्कृतिक सम्पत्ति की सुरक्षा होनी चाहिए : यूनेस्को
योगी अरविंदजी कहते थे : ''जब यह कहा जाता है कि भारत विस्तार करेगा और अपने को व्यापक बनायेगा तब उसका अर्थ यह है कि सनातन धर्म स्वयं का विश्व में विस्तार और फैलाव करेगा।
3 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अद्भुत है भगवत्कथा-सत्संग की महिमा
कथा त्रिवेणी संगम... ... नेणे वर्णं या सुखां ॥
1 min
April 2026
Rishi Prasad Hindi
इसमें हानि-लाभ किसका ?
यह संक्षिप्त जीवन-चरित्र है उनका जिन्हें विश्व संत श्री आशारामजी बापू के नाम से जानता है ।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
इन ६ गलतियों से बचेंगे तो स्वास्थ्य में लगेंगे ४ चाँद व छक्के
भोजन के बाद पेट का भारी होना, अफरा (गैस), अम्लपित्त (हाइपर एसिडिटी), पाचन ठीक से न होना आदि समस्याओं से यदि आप परेशान हैं तो हो सकता है आप भी ये गलतियाँ कर रहे हों जो अधिकांश लोग अनजाने में करते हैं।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अद्वितीय वैश्विक क्रांति का जन्म
संतत्व को पाये हुए अपने शिष्य को साँईं लीलाशाहजी ने डीसा में एक कुटीर में रहने की आज्ञा दी ।
1 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
महान लक्ष्य और हिमालय-सी अडिगता
इन बालक का भगवद्भक्ति की और गहरा झुकाव था। खेलने-कूदने की उम्र में ये घंटों तक ईश्वर के ध्यान, चिंतन में तल्लीन हो जाते ।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अर्धांगिनी की धर्मशक्ति
जो स्वार्थरहित सेवा करते हैं, भगवान और समाज के बीच सेतु बनते हैं वे कर्मयोगी हो जाते हैं ।
3 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
किया हुआ सत्संग व्यर्थ नहीं जाता
एक शिष्य रहता था गुरुजी के पास।
1 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
विलक्षण दूरदर्शिता
आज राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर ऐसी कई समस्याएँ हैं जिनको बड़ी चुनौती समझा जा रहा है अथवा कुछ ऐसी हैं कि गम्भीर होते हुए भी जिनका संज्ञान ही नहीं लिया जा रहा है, उनका प्रायोगिक एवं सशक्त समाधान इन संत ने वर्षों पूर्व ही दे दिया था।
4 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
१००० मेहमानों को दिलायी ऋषि प्रसाद की पंचवार्षिक सदस्यता
उपहार में दिया दिव्य ज्ञान
1 min
April 2026
Translate
Change font size
