Facebook Pixel रोगहर एवं स्वास्थ्यप्रद हरड़ | Rishi Prasad Hindi - religious-spiritual - Lisez cet article sur Magzter.com

Essayer OR - Gratuit

रोगहर एवं स्वास्थ्यप्रद हरड़

Rishi Prasad Hindi

|

September 2025

रोगों को दूर कर शरीर को स्वस्थ रखनेवालीं औषधियों में हरड़ (हर्रे) श्रेष्ठ है।

रोगहर एवं स्वास्थ्यप्रद हरड़

यह त्रिदोषशामक, बुद्धि, आयु, बल व नेत्रज्योति वर्धक, उत्तम अग्निदीपक व सम्पूर्ण शरीर की शुद्धि करनेवाली है। विभिन्न प्रकार से उपयोग करने पर हरड़ सभी रोगों को हरती है।

चबाकर खायी हुई हरड़ अग्नि को बढ़ाती है। पीस के खायी हुई हरड़ मल को बाहर निकालती है। पानी में उबाल के वह पानी पीने से दस्त को रोकती है और घी में भूनकर खाने से त्रिदोषों का नाश करती है।

भोजन से पहले हरड़ चूसकर लेने से भूख बढ़ती है। भोजन के साथ खाने से बुद्धि, बल व पुष्टि में वृद्धि होती है। भोजन के बाद सेवन करने से अन्नपान-संबंधी दोषों को व आहार से उत्पन्न अवांछित वात, पित्त और कफ के दोषों को तुरंत नष्ट कर देती है।

यह सेंधा नमक के साथ खाने से कफजन्य, मिश्री के साथ खाने से पित्तजन्य, घी के साथ खाने से वायुजन्य तथा गुड़ के साथ खाने से समस्त व्याधियों को दूर करने में मदद करती है।

हरड़ के सरल प्रयोग

PLUS D'HISTOIRES DE Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

सांस्कृतिक सम्पत्ति-विनाशक विकास-कार्यों से सांस्कृतिक सम्पत्ति की सुरक्षा होनी चाहिए : यूनेस्को

योगी अरविंदजी कहते थे : ''जब यह कहा जाता है कि भारत विस्तार करेगा और अपने को व्यापक बनायेगा तब उसका अर्थ यह है कि सनातन धर्म स्वयं का विश्व में विस्तार और फैलाव करेगा।

time to read

3 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

अद्भुत है भगवत्कथा-सत्संग की महिमा

कथा त्रिवेणी संगम... ... नेणे वर्णं या सुखां ॥

time to read

1 min

April 2026

Rishi Prasad Hindi

इसमें हानि-लाभ किसका ?

यह संक्षिप्त जीवन-चरित्र है उनका जिन्हें विश्व संत श्री आशारामजी बापू के नाम से जानता है ।

time to read

2 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

इन ६ गलतियों से बचेंगे तो स्वास्थ्य में लगेंगे ४ चाँद व छक्के

भोजन के बाद पेट का भारी होना, अफरा (गैस), अम्लपित्त (हाइपर एसिडिटी), पाचन ठीक से न होना आदि समस्याओं से यदि आप परेशान हैं तो हो सकता है आप भी ये गलतियाँ कर रहे हों जो अधिकांश लोग अनजाने में करते हैं।

time to read

2 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

अद्वितीय वैश्विक क्रांति का जन्म

संतत्व को पाये हुए अपने शिष्य को साँईं लीलाशाहजी ने डीसा में एक कुटीर में रहने की आज्ञा दी ।

time to read

1 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

महान लक्ष्य और हिमालय-सी अडिगता

इन बालक का भगवद्भक्ति की और गहरा झुकाव था। खेलने-कूदने की उम्र में ये घंटों तक ईश्वर के ध्यान, चिंतन में तल्लीन हो जाते ।

time to read

2 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

अर्धांगिनी की धर्मशक्ति

जो स्वार्थरहित सेवा करते हैं, भगवान और समाज के बीच सेतु बनते हैं वे कर्मयोगी हो जाते हैं ।

time to read

3 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

Rishi Prasad Hindi

किया हुआ सत्संग व्यर्थ नहीं जाता

एक शिष्य रहता था गुरुजी के पास।

time to read

1 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

विलक्षण दूरदर्शिता

आज राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर ऐसी कई समस्याएँ हैं जिनको बड़ी चुनौती समझा जा रहा है अथवा कुछ ऐसी हैं कि गम्भीर होते हुए भी जिनका संज्ञान ही नहीं लिया जा रहा है, उनका प्रायोगिक एवं सशक्त समाधान इन संत ने वर्षों पूर्व ही दे दिया था।

time to read

4 mins

April 2026

Rishi Prasad Hindi

१००० मेहमानों को दिलायी ऋषि प्रसाद की पंचवार्षिक सदस्यता

उपहार में दिया दिव्य ज्ञान

time to read

1 min

April 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size