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कन्वर्जन को सरकार की शह
Panchjanya
|September 18, 2022
आंध्र प्रदेश में ईसाई कन्वर्जन को सरकार की शह मिल रही है। चाहे क्रॉस लगाकर पहाड़ियों पर कब्जा करने का मामला हो, या हिंदू धर्मस्थलों के नवीनीकरण में बाधा डालना या मिशनरियों द्वारा जनजातीय लोगों को डरा-धमका कर ईसाई बनाने का मामला, सरकार या तो खामोश रहती है या मामले में लीपापोती कर देती है
आंध्र प्रदेश ने पिछले दो दशकों में तेजी से ईसाईकरण है। हालांकि, विडंबना यह है कि आज ईसाई मिशनरियों को वर्तमान राज्य सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है। जिससे कन्वर्जन में तेजी आई है और कन्वर्टेड लोगों की वित्तीय स्थिति और उनके जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के प्रयासों को भी बल मिला है।
पहाड़ियों पर सलीब - प्रशासन की मौन स्वीकृति
ईसाइयों ने पूरे प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्रों पर कब्जा जमा रखा है और वहां क्रॉस लगाकर बेलगाम 'प्रार्थना घर' बना रहे हैं। यह सिलसिला पिछले 3-4 वर्षों में ज्यादा बढ़ा है। दूसरी ओर, प्रशासन की शह से मिशनरी हिंदू मंदिरों या तीर्थस्थलों के नवीनीकरण या उनके विस्तार को बाधित कर रहे हैं। उदाहरण देखिए :
1 - सुब्रमण्येश्वर मंदिर -
Cette histoire est tirée de l'édition September 18, 2022 de Panchjanya.
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