Essayer OR - Gratuit
कितनी कारगर क्लाउड सीडिंग?
Dainik Jagran
|October 30, 2025
जिस कृत्रिम वर्षा के परीक्षण को लेकर दिल्ली सरकार का पर्यावरण विभाग बहुत जल्दबाजी में दिखा, उसके दो क्रम के परिणाम बेहद निराशाजनक ही रहे।
-
28 अक्टूबर को मौसम की स्थितियां बहुत अनुकूल भी नहीं थीं बावजूद इसके क्लाउड सीडिंग का परीक्षण कराया गया परिणाम के बाद आलोचनाओं के बादल और बड़े हो गए। एक करोड़ की कीमत से दो परीक्षण हुए बूंदे महज 0.3 एमएम हुई वो भी दिल्ली में नहीं नोएडा में। यानी करोड़ों की कीमत वाली फुहारें, फौरी राहत तक नहीं दे सकीं। यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि जिस समय सरकार कृत्रिम वर्षा के परीक्षण को लेकर जोर आजमाइश कर रही है उसी समय दिल्ली का प्रदूषण 'बहुत खराब' स्थिति में बना हुआ है। यानी एक्यूआइ सरकारी आंकड़ों में 300 तक है और ग्रेप2 तक लागू है लेकिन, उस समय में प्रदूषण के तात्कालिक नियंत्रण के लिए क्या प्रयास किए जाएं, जो नियम लागू हैं वो ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं इन सब पर ध्यान देने के बजाय कृत्रिम वर्षा के परीक्षण पर ही सब केंद्रित हो गया। कृत्रिम वर्षा को लेकर पहले से ही पर्यावरण विशेषज्ञ, मौसम विभाग यहां तक की खुद आइआइटी कानपुर के विज्ञानी बहुत सकारात्मक रुख नहीं दिखा रहे। क्योंकि प्रदूषण जिस तरह से सिर उठा चुका है, स्थितियां जितनी बिगड़ चुकी हैं, उसमें कुछ देर की वर्षा समाधान हो ही नहीं सकती। वैसे भी कैंसर जैसे बन चुके प्रदूषण के गंभीर मर्ज पर हम सिर्फ फर्स्टएड जैसे उपचार कैसे कर सकते हैं। और पर्यावरण विशेषज्ञ तो इसके बहुत महंगे होने पर भी सवाल उठा रहे हैं। जब विज्ञानी प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्लाउड सीडिंग को कारगर नहीं मान रहे, फिर ऐसा क्यों? साथ ही, दिल्ली समेत एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए क्लाउड सीडिंग के मुकाबले और क्या बेहतर विकल्प हो सकते हैं? इसी की पड़ताल हमारा आज का मुद्दा है :
कृत्रिम वर्षा क्या है और कैसे की जाती है
क्लाड सीडिंग मौसम बदलने वाली तकनीक है। इसमें वर्षा बढ़ाने के लिए बादलों में सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड, सोडियम क्लोराइड या ड्राई आइस जैसे पदार्थों का छिड़काव किया जाता है।
ट्रायल सिर्फ यहीं संभव
Cette histoire est tirée de l'édition October 30, 2025 de Dainik Jagran.
Abonnez-vous à Magzter GOLD pour accéder à des milliers d'histoires premium sélectionnées et à plus de 9 000 magazines et journaux.
Déjà abonné ? Se connecter
PLUS D'HISTOIRES DE Dainik Jagran
Dainik Jagran
जलवायु परिवर्तन के लिए प्रदूषण पर लगाम लगाना है जरूरी : गर्ग
राजधानी महाविद्यालय में जलवायु परिवर्तन विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
1 min
February 19, 2026
Dainik Jagran
शीर्ष स्थान हासिल करना श्रीलंका का लक्ष्य
पहले ही सुपर आठ में जगह बना चुकी श्रीलंका और जिंबाब्वे की टीम गुरुवार को जब टी-20 विश्व कप के मैच में आमने-सामने होंगी तो उनका लक्ष्य ग्रुप बी में शीर्ष स्थान पाना होगा।
1 mins
February 19, 2026
Dainik Jagran
मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की नमाज, पहला रोजा आज
इस्लामिक कैलेंडर के सबसे पवित्र महीने रमजान की शुरुआत बुधवार शाम से हो गई।
1 min
February 19, 2026
Dainik Jagran
आइआइटी दिल्ली में एआइ-डेटा एनालिटिक्स से खिलाड़ियों की क्षमता निखारने की पहल
खिलाड़ियों के प्रदर्शन को विज्ञानी तरीके से निखारने और खेल जगत को डेटा-आधारित दिशा देने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली ने बड़ी पहल की है।
1 min
February 19, 2026
Dainik Jagran
अमेरिका में लगे अच्छी क्वालिटी का कोकिंग कोल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत कच्चा तेल और कोकिंग कोल की खरीद में विविधीकरण लाना चाहता है और अमेरिका से अच्छी क्वालिटी का कोकिंग कोल लेना पसंद करेगा।
1 mins
February 19, 2026
Dainik Jagran
एनडीएमसी स्कूल की पढ़ाई में एआइ शामिल
एनडीएमसी के स्कूलों की कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) को शामिल किया जा रहा है।
1 min
February 19, 2026
Dainik Jagran
एआइ नहीं इंसानी दिमाग सबसे बड़ी ताकतः मूर्ति
दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित 'लीडर्स टाक' कार्यक्रम में इन्फोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा है।
1 min
February 19, 2026
Dainik Jagran
फ्रेशर्स को नौकरी पर रखना चाहते हैं 73 प्रतिशत नियोक्ता
साक्षात्कार में शामिल लगभग 73 प्रतिशत नियोक्ता जनवरी से जून के दौरान फ्रेशर्स को नौकरी पर रखने का इरादा रखते हैं।
1 min
February 19, 2026
Dainik Jagran
जागरूकता और व्यवस्था से ही बढ़ेगा एफओबी व सबवे का उपयोग
लोग सुविधा, जल्दबाजी या लापरवाही के चलते एफओबी और सबवे का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे व्यस्त सड़कों को पार करना अधिक आसान समझते हैं।
2 mins
February 19, 2026
Dainik Jagran
अभिषेक ‘शून्य’ शर्मा
भारतीय टीम भले ही अमेरिका, नामीबिया और पाकिस्तान के बाद बुधवार को नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में नीदरलैंड्स को 17 रनों से हराकर सुपर-8 में प्रवेश कर गई हो लेकिन अभिषेक शर्मा की फार्म और स्पिनरों के सामने तिलक वर्मा व सूर्य कुमार यादव का धीमा खेलना परेशानी बनकर उभरा है।
2 mins
February 19, 2026
Listen
Translate
Change font size
