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राजनीतिक दलों के फैसले टीवी सीरियलों जैसे
Sarita
|July First 2025
राजनीतिक दलों के फैसले देख कर लग रहा है जैसे टीवी पर सासबहू वाले सीरियल देख रहे हों. आज नेता पहले की तरह कोई आदर्श नहीं बल्कि कीचड़ से सने नजर आते हैं.
बहुजन समाज पार्टी की स्थापना कांशीराम ने बहुत सोचविचार कर की थी. वे इस के जरिए दलित और वंचित समाज को जाग्रत करना चाहते थे. विचारों में बड़ी ताकत होती है. इस का परिणाम यह हुआ कि 1995 से ले कर 2007 तक 12 सालों में 4 बार बसपा की नेता मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं. मायावती से जो अपेक्षा कर के कांशीराम ने उन को अपना उत्तराधिकारी बनाया था वह निराशा में बदल गई. मायावती ने अपने काडर वाले पुराने नेताओं को पार्टी से बाहर करना शुरू कर दिया, जिस का परिणाम यह हुआ कि 2012 की हार के बाद पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर पाई.
2019 में मायावती को समाजवादी पार्टी से गठबंधन करना पड़ा. इस के बाद भी राजनीति में जो धमक बननी चाहिए थी वह बनी नहीं. 13 साल का समय हो गया, बसपा चुनाव में फकत तमाशाई ही नजर आती है. इस की सब से बड़ी वजह मायावती की सोच और फैसले हैं जिन के कारण विरोधी दल बसपा को भाजपा की बी टीम कहने लगे हैं. मायावती के फैसले विचारधारा और पार्टी के हित वाले नहीं रह गए हैं. इस का सब से बड़ा प्रमाण उन के भतीजे आकाश आनंद का प्रकरण है.
आकाश आनंद मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे हैं. मायावती ने उन को 2019 में पार्टी में शामिल किया. आकाश आनंद की शादी बसपा के ही नेता डाक्टर अशोक सिद्धार्थ की बेटी डाक्टर प्रज्ञा से बड़ी धूमधाम से हुई थी. उस शादी में मायावती शामिल हुई थीं. शुरुआती दौर में मायावती पर परिवारवाद के आरोप लगे. सवाल यह भी उठा कि अगर कांशीराम ने अपना उत्तराधिकारी अपने घर से लिया होता तो क्या बसपा को मायावती जैसी नेता मिलती?
यह सवाल इसलिए जायज था क्योंकि जब राजनीतिक दल अपने घरपरिवार में नेता तलाश करते रहेंगे, पार्टी का भला नहीं होगा. एक ही परिवार में दूसरी पीढ़ी का नेता भी काबिल निकले, यह जरूरी नहीं है.
2024 के लोकसभा चुनाव के प्रचार के बीच मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकाल दिया. इस की वजह यह सामने आई कि आकाश आनंद अपने ससुर डाक्टर अशोक सिद्धार्थ व पत्नी डाक्टर प्रज्ञा की सलाह से काम कर रहे थे, जिस से बसपा को नुकसान पहुंच रहा था. यह लगा कि अब आकाश आनंद की राजनीति खत्म हो गई है.
Cette histoire est tirée de l'édition July First 2025 de Sarita.
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