वाम वोटों में इजाफा होगा?
Outlook Hindi
|August 18, 2025
आजादी के पहले से बिहार में कई उतार-चढ़ाव देख चुके वामपंथी दल क्या 2025 में नई ऊर्जा से उभर सकते हैं? खासकर माले के जाति और वर्ग के मेल से कामयाबी क्या कहती है? क्या वे इस बार चुनावी नतीजों को और ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं?
पटना के अधेड़, मृदुभाषी कैब ड्राइवर संतोष कुमार सिंह एक सवाल पर कहते हैं, "दीपांकर भट्टाचार्य को कौन नहीं जानता? सभी उन्हें उनकी खिचड़ी दाढ़ी और पीछे की ओर कंघी किए बालों से पहचानता है।" मेरी जिज्ञासा बढ़ गई। क्या दीपांकर अपने चेहरे-मोहरे के लिए जाने जाते हैं, राजनीति के लिए नहीं? बिहार के भोजपुर जिले की ऊबड़-खाबड़ सड़क से गुजरते हुए संतोष सिंह कहते हैं, "जून की तपती शाम है। सूरज ढलने वाला है, लेकिन लू के थपेड़े लग रहे हैं। तापमान 47 सेल्सियस जैसा है। संतोष सिंह बताए चले जा रहे हैं कि 'माले' नेताओं की काफी इज्जत है क्योंकि उन्होंने हमेशा गरीबों का साथ दिया है, सादा जीवन जिया और भ्रष्टाचार नहीं किया।
दीपांकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी-लिबरेशन) या भाकपा (एमएल-लिबरेशन) के महासचिव हैं, जिसे स्थानीय भाषा में मा-ले या 'माले' कहा जाता है। यह देश की इकलौती वामपंथी पार्टी है, जिसने 1970 और 1980 के दशक में सशस्त्र संघर्ष के भूमिगत दौर के बाद चुनावी सफलता का स्वाद चखा है। 1980 और 1990 के दशक में ऐसा दौर आया जब पार्टी ने चुनाव लड़े और सशस्त्र दस्ते भी बनाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदू राष्ट्रवादी राज के 11 वर्षों में इस पार्टी की बदौलत बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वामपंथी ताकतों ने उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया।
2020 के चुनावों में 12 विधानसभा सीटें जीतने के बाद माले ने 2024 में दो लोकसभा सीटें जीतकर इस गति को बनाए रखा। 1985 में चुनावी मैदान में उतरने के बाद से उसका यह सबसे बड़ा चुनावी प्रदर्शन है। पार्टी ने 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में भी दो सीटें जीतीं।
चाहे दीपांकर की दाढ़ी और हेयर स्टाइल हो या पार्टी की राजनीति, बिहार में इस वामपंथी पार्टी ने हाल के वर्षों में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। इन चुनावी कामयाबियों के बल पर पार्टी ने झारखंड स्थित मार्क्सवादी समन्वय केंद्र (एमसीसी) और महाराष्ट्र स्थित लाल निशान पार्टी (एलएनपी) के साथ विलय के जरिए संगठनात्मक विस्तार किया है।
Cette histoire est tirée de l'édition August 18, 2025 de Outlook Hindi.
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