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ऐक्टिंग: बॉलीवुड में बहार लाने आ गए बहारुल

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December 2023

अजय देवगन के साथ 'मैदान', दिपीका पादुकोण के साथ 'छपाक', कपिल की आत्मकथा पर आधारित फिल्म '83' में आएंगे नजर

- संजीव कलिता

ऐक्टिंग: बॉलीवुड में बहार लाने आ गए बहारुल

बॉलीवुड में 'करीम गुंडा' ने बड़े ही जबर्दस्त ढंग से एंट्री मारी है। चर्चित असमिया फिल्म 'सुरूज' में खलनायक 'करीम गुंडा' का दमदार किरदार निभाने वाले असम के लोकप्रिय अभिनेता बहारुल इस्लाम को अब मुंबई जम गई है। वे कई बड़े फिल्म निर्देशकों तथा प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके हैं। बॉलीवूड के लिए भले ही वे नए हैं पर असमिया फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेताओं में बहारुल इस्लाम का नाम बड़े आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है। फिल्म जगत से जुड़ने से पहले मिथुन चक्रवर्ती की ही तरह अभिनेता बनने की चाहत के कारण नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में तीन साल का अभिनय पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उन्हें लगा कि उन्हें मिथुन चक्रवर्ती नहीं बल्कि बहारुल इस्लाम बनना है। एक्टिंग की दुनिया में खुद की एक अलग पहचान बनानी है। एनएसडी से सीधे असम लौटे और रंगमंच की बेहतरी के लिए उन्होंने 1990 में कुछ अभिनेता, करीबी दोस्त और अपनी अभिनेत्री पत्नी भागीरथी बाई कदम के साथ एक थिएटर ग्रुप सीगल की स्थापना की जहां उन्होंने अभिनय, निर्देशन, नाटक लेखन, मंच नाटक आदि के क्षेत्र में प्रशिक्षण देना शुरू किया। बहारुल इस्लाम ने 100 से अधिक नाटकों में अभिनय, 30 से अधिक नाटकों का निर्देशन करने के अलावा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं। इस लंबी और समृद्ध यात्रा के दौरान इस धाकड़ अभिनेता ने प्रसिद्ध नाटक 'हीर-रांझा' में भी अभिनय किया जिसका निर्माण लंदन स्थित तारा आर्ट्स नामक प्रोडक्शन हाउस ने किया था। बहारुल अभिनीत इस नाटक ने जापान और इंग्लैंड जैसे देशों में व्यापक प्रसिद्धि और सराहना अर्जित की।

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क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल

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खिड़की जो बंद हो गई!

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अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित

यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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एक सदी औरतों के नाम

इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम

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गांव-गांव चली धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय

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मासूम तानाशाह

किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी

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पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।

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January 2026

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बिहार के लिए नबीन के मायने

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।

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January 2026

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राम कृपा नासहिं सब रोगा

प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।

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January 2026

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