Essayer OR - Gratuit
देवताओं का दीपोत्सव
Aha Zindagi
|November 2025
देव दिवाली के रूप में प्रतिष्ठित कार्तिक मास की पूर्णिमा सनातन के शैव और वैष्णव ही नहीं, जैन और सिख पंथ के लिए भी अत्यंत पवित्र और पूजनीय है।
विष्णु के मत्स्य अवतार और शिव के हाथों त्रिपुरासुर के अंत की तिथि यही थी।
गुरुनानकदेव का प्राकट्य भी इसी दिन हुआ था।
हिंदू पंचांग में एक वर्ष के बारह मास हैं और हर मास का अंतिम दिन पूर्णमासी है। शाब्दिक रूप से मास की पूर्णता का दिन। कहने को प्रत्येक पूर्णिमा एक मास के समापन और नए मास के शुभारंभ का प्रतीक है अतः हर पूर्णिमा पर्व है। चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती तो वैशाख पूर्णिमा बुद्ध जयंती। आषाढ़ की गुरु पूर्णिमा तो सावन की श्रावणी। आश्विन की शरद पूर्णिमा तो माघ की माघी और फागुन की होली। अपने-अपने माहात्म्य में हर पूर्णिमा परम, परिपूर्ण और पर्व है, मगर कार्तिक पूर्णिमा शेष ग्यारह की तुलना में सर्वाधिक महिमामय है। यह वर्ष की एकमात्र तिथि है जो 'देव दिवाली' के रूप में प्रतिष्ठित है। इसके ठीक पंद्रह दिन पहले पड़ने वाली कार्तिक अमावस लोक की दिवाली है, किंतु कार्तिक पूर्णिमा साक्षात देवताओं का दीपपर्व है। पूर्णिमा के ठीक चार दिन पहले एकादशी पर देवता जागते हैं और एक दिन पूर्ण वैकुंठ चतुर्दशी को महादेव शिव सृष्टि का भार भगवान विष्णु को सौंपते हैं और अगले ही दिन पूर्णिमा को सारा देवलोक दीपोत्सव की जगमग से दमक उठता है। यह दिन देवताओं का दीपोत्सव है, अतः वर्ष के शेष सारे 364 दिवसों से अधिक महिमामय है। कार्तिक पूर्णिमा विष्णु उपासकों के लिए महाकार्तिकी तथा शिव आराधकों के लिए त्रिपुर पूर्णिमा के नाम से भी विख्यात है। यह वेदों तथा सृष्टि की रक्षा के लिए विष्णु के प्रथम मत्स्यावतार की पावन तिथि है तो वैष्णवों के लिए गोलोक में श्रीकृष्ण द्वारा देवी राधा के पूजन और उन सहित गोपिकाओं के साथ रास रचाने का मंगल दिवस भी है। यह महादेव शिव द्वारा संसार के रक्षार्थ त्रिपुरासुरों के वध का पावन दिवस भी है और देवताओं के सम्मान में पुण्यसलिलाओं में दीपदान का महापर्व भी है।
चातुर्मास रूपी संकल्प की पूर्णाहुति का दिनCette histoire est tirée de l'édition November 2025 de Aha Zindagi.
Abonnez-vous à Magzter GOLD pour accéder à des milliers d'histoires premium sélectionnées et à plus de 9 000 magazines et journaux.
Déjà abonné ? Se connecter
PLUS D'HISTOIRES DE Aha Zindagi
Aha Zindagi
पंचम सुर में राग बसंत
बसंत पंचमी... एक ऐसा त्योहार जो हर साल लौटकर बस मौसम नहीं बदलता, दिल के भीतर दबे बचपन को भी जगा देता है।
6 mins
January 2026
Aha Zindagi
मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
एनसीईआरटी की कक्षा नवीं की पुस्तक में संकलित यह रचना बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए अवश्य पठनीय श्रेणी की है।
8 mins
January 2026
Aha Zindagi
जब अच्छा बन जाए बुरा...
साफ़-सफ़ाई, व्यवस्था और सतर्कता अच्छी आदतें हैं, पर क्या हो जब ये अनियंत्रित हो जाएं और जीवन ही मुश्किल बना दें? ऐसी स्थिति ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर कहलाती है।
6 mins
January 2026
Aha Zindagi
सीखना कभी न छोड़ें...
हमारे जीवन में अनेक अध्याय होते हैं, जो किसी स्थान से आरंभ होकर किसी बिंदु पर समाप्त हो जाते हैं। किंतु इसी मध्य एक ऐसी प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जो कभी रुकती नहीं और वह है निरंतर सीखते रहने की प्रक्रिया।
2 mins
January 2026
Aha Zindagi
कूद जाओ
यदि आप 900 लोगों के बीच बोल चुके हैं तो 1000 लोगों के बीच भी आप अपना भाषण दे सकते हैं, इसलिए एक काग़ज़ लीजिए और अपने इन डरों को उस पर उतार लीजिए जिन पर आप काबू पाना चाहते हैं।
4 mins
January 2026
Aha Zindagi
अभी मज़ा चखाता हूं!
आख़िर लोग तुरत-फुरत आहत क्यों हो जाते हैं, क्यों हर असहमति को इज़्ज़त का सवाल बना लेते हैं, और कैसे इतिहास, परवरिश और व्यवस्था मिलकर हमारे भीतर यह 'सबक़ सिखाने' वाली कुसंस्कृति पैदा करते हैं? यह मंथन ज़रूरी है।
6 mins
January 2026
Aha Zindagi
अतिथि देवो भव...
बचपन से सुना, दोहराया, लेकिन शायद कभी ठहरकर ये नहीं सोचा कि सही मायने में अतिथि का सम्मान करना किसे कहते हैं... इसमें एक नागरिक की भूमिका कहां और कैसे आती है?
4 mins
January 2026
Aha Zindagi
जब शब्द से ज़्यादा दर्द दे चुप्पी
दांपत्य में साइलेंट ट्रीटमेंट यानी जानबूझकर बात न करना, सामने वाले को उसकी ग़लती का एहसास कराने या उसे सबक़ सिखाने का तरीक़ा समझा जाता है।
7 mins
January 2026
Aha Zindagi
अलार्म और सपनों के बीच की जंग
हर दिन की शुरुआत किसी घोषणा से नहीं, एक समझौते से होती है। सपनों की मुलायम दुनिया और ज़िम्मेदारियों की कठोर हक़ीक़त के बीच हर सुबह एक अलार्म बजता है। उस अलार्म के बाद के पांच मिनट में नींद विदा लेती है और जीवन अपनी शर्तों के साथ दस्तक देता है।
3 mins
January 2026
Aha Zindagi
हर दिन कल्याण हो
2026 कल्याणकारी वर्ष तब बनेगा जब हम हर दिन भारतीय परंपरा-प्रणीत स्वास्थ्य पथ पर चलेंगे।
4 mins
January 2026
Listen
Translate
Change font size
