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'धड़क 2' से तृप्ति और तृप्ति का एक्सलूसिव इंटरव्यू कहा- सिर्फ रोमांस नहीं, एक सोच है हमारी फिल्म
Mayapuri
|Mayapuri Edition 2650
हिंदी सिनेमा में अब नए चेहरों के लिए दरवाज़े खुल रहे हैं
और दर्शक नए प्रयोगों को स्वीकार कर रहे हैं. इसी कड़ी में निर्माता करण जौहर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धड़क 2' आ रही है, जिसमें पहली बार साथ नज़र आएँगे सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी. यह फिल्म न केवल एक प्रेम कहानी है, बल्कि सामाजिक विषयों को भी गहराई से छूती है. शाजिया इकबाल की ओर से निर्देशित यह फिल्म 1 अगस्त, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म की रिलीज़ से पहले, तृप्ति और सिद्धांत ने बॉलीवुड हंगामा से बात की. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा....
जब आपने 'धड़क 2' की स्क्रिप्ट पहली बार पढ़ी या इसके लिए नरेशन सुना, तो आपकी सबसे पहली प्रतिक्रिया क्या थी? क्या उस वक्त ही आपने तय कर लिया था कि इस फिल्म का हिस्सा बनना है?
सिद्धांत- जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट सुनी तो मैं अंदर से हिल गया. यह सिर्फ एक रोमांटिक फिल्म नहीं है, इसमें बहुत कुछ कहने को है. मैंने तुरंत करण को कॉल किया और कहा - "मैं ये फिल्म कर रहा हूँ.”
तृप्ति- मुझे स्क्रिप्ट पढ़कर लगा कि यह कहानी दिल से निकली है. निर्देशक शाज़िया ने जब कहानी सुनाई तो उसमें एक सच्चाई थी, कोई दिखावा नहीं था.
फिल्म का नाम 'धड़क 2' है तो क्या यह 'धड़क' की सीक्वल है या कोई सीधा संबंध है पहली फिल्म से? या फिर यह सिर्फ थीम या मुद्दे के स्तर पर एक ‘स्पिरिचुअल सीक्वल' है?
सिद्धांत- नहीं, 'धड़क 2' सीधे तौर पर पहली फिल्म की सीक्वल नहीं है. इसे हम एक स्पिरिचुअल सीक्वल कह सकते हैं. इसका मतलब है कि फिल्म की आत्मा, उसका मूल विषय - जैसे प्रेम, सामाजिक भेदभाव, वर्ग संघर्ष - वह पहले जैसी ही है, लेकिन इसकी कहानी, पात्र और घटनाएं पूरी तरह अलग हैं. यह फिल्म अपनी एक स्वतंत्र पहचान रखती है.
तृप्ति- बिल्कुल सही कहा सिद्धांत ने. 'धड़क 2' में भी एक गंभीर सामाजिक मुद्दा उठाया गया है, जो आज भी हमारे समाज की सच्चाई है. लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल नई है- हर किरदार नया है, उनकी परिस्थितियां अलग हैं, उनका संघर्ष अलग है. हमने इस फिल्म को किसी सीक्वल की तरह नहीं, बल्कि एक नई सोच और दृष्टिकोण के साथ किया है.
Cette histoire est tirée de l'édition Mayapuri Edition 2650 de Mayapuri.
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