Essayer OR - Gratuit
फूलों का खिलना और मुरझाना
Shaikshanik Sandarbh
|September - October 2020
फूलों की आयु या दीर्घायु को समय के अनुरूप परिभाषित किया जा सकता है। इस अन्तराल में फूल खुला और कार्यात्मक रहता है, और पौधों की प्रजनन सफलता के लिए यह एक महत्वपूर्ण विशेषता है क्योंकि यह सीधे परागण प्रक्रिया के लिए उपलब्ध समय को निर्धारित करता है, और इस प्रकार, परागकण के वितरण में सहायक है।
अक्सर हम पेड़-पौधों की उम्र के बारे में चर्चा करते हैं जैसे एकवर्षी और बहुवर्षी पौधे। अधिकांश शाकीय पौधे एक या दो वर्ष में ही अपना जीवन-चक्र पूर्ण कर मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। वहीं झाड़ियाँ और पेड़ कई साल तक ज़िन्दा रहते हैं। दस साल से लेकर सैकड़ों-हज़ारों साल पुराने पेड़ों के उदाहरण हमारे सामने हैं। गुलाब, गुड़हल, कनेर, मेहंदी जैसी झाड़
Cette histoire est tirée de l'édition September - October 2020 de Shaikshanik Sandarbh.
Abonnez-vous à Magzter GOLD pour accéder à des milliers d'histoires premium sélectionnées et à plus de 9 000 magazines et journaux.
Déjà abonné ? Se connecter
PLUS D'HISTOIRES DE Shaikshanik Sandarbh
Shaikshanik Sandarbh
हँसाते - रुलाते, रिश्ते - नाते
किशोरावस्था में लड़के अनेक शारीरिक व भावनात्मक बदलावों से गुजर रहे होते हैं। पितृसत्तात्मक सामाजिक ताने-बाने में अक्सर इन बदलावों पर खुलकर बातचीत कर पाना और एक स्वस्थ नज़रिया विकसित कर पाना सम्भव नहीं होता। इसी कमी को ध्यान में रखकर एकलव्य ने बेटा करे सवाल किताब विकसित की है जिसके अलग-अलग अध्यायों में किशोरावस्था के विभिन्न आयामों व उनके सामाजिक-सांस्कृतिक, शारीरिक व भावनात्मक पहलुओं की चर्चा की गई है। आइए, पढ़ते हैं इस किताब का एक महत्वपूर्ण हिस्सा।
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
हिन्दी भाषा का साहित्यिक सफर!
संदर्भ के अंक-136 में टी. विजयेंद्र का लेख हिन्दी हाज़िर है पढ़ा।
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
जेंडर की जकड़न को तोड़ती कहानियाँ
बच्चों के साथ बातचीत
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
पुवितम में विज्ञान : ज़िन्दगी से सीखना
तमिल में पुवितम का मतलब 'धरती से प्रेम' होता है। पुवितम गतिविधि केन्द्र में बच्चे अपने आसपास के माहौल में सहजता से अवलोकन करना, खोजबीन करना और काम करना सीखते हैं। यह पद्धति विज्ञान सीखने पर किस तरह असर करती है? और शिक्षक इस प्रक्रिया में क्या भूमिका निभाते हैं?
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
रसोई में चिड़ियाघर
उन दिनों मैं पहले दर्जे में था। स्कूल से लौटकर अक्सर अपने चाचा के घर जाया करता था। उनका घर हमारे मुहल्ले ही में था। वे अकेले रहते थे। घर का सारा काम खुद करते थे। उनकी मेज़ किताबों और कागज़ों से इतनी लदी रहती थी कि देखकर लगता था, मानो अभी ढह जाएगी! लेकिन ऐसा हुआ कभी नहीं क्योंकि मेज़ के पाए किसी हाथी के बच्चे की टाँगों जितने मोटे और मज़बूत थे।
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
बल्ब जलाओ जगमग-जगमग
"देखो... मैं आज गणित में तड़ी मारने वाला हूँ।” भागचन्द्र ने गली के मोड़ पर इसरार और नारंगी से कहा।
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
अजगर बिलों में सेही के साथ शान्ति से रहते हैं
अदिति मुखर्जी यहाँ अजगर तथा सेही, जिनके बीच अक्सर एक शिकारी और शिकार का सम्बन्ध होता है, के एक ही बिल में शान्ति से साथ-साथ रहने के अपने अध्ययन के बारे में बता रही हैं।
1 min
March - April 2022
Shaikshanik Sandarbh
फ्यूज़ बल्ब का कमाल
पुस्तक अंश - खोजबीन
1 min
July - August 2021
Shaikshanik Sandarbh
संख्याएँ कितनी वास्तविक एवं कितनी काल्पनिक?
शिक्षकों की कलम से
1 min
July - August 2021
Shaikshanik Sandarbh
बड़े काम के हैं भाषा के काम
शिक्षकों की कलम से
1 min
July - August 2021
Translate
Change font size
