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Dans ce numéro

A film weekly with a pan Indian presence Mayapuri has enthralled Bollywood lovers for four decades.Gossip, interviews, new releases, film reviews Mayapuri has all what it takes to be the most popular Hindi film magazine. Bringing in the latest Bollywood happenings Mayapuri keeps the readers updated. Cover stories add a hot and happening flavor and interviews give a sneak peek into the lives of superstars. Forthcoming films feature as a prominent segment to let the Bollywood lover know whats next on the big screen and reviews tell if the film was a Block Buster or a Block Busted! So get your share of Bollywood with Mayapuri every week!

'बाबूजी' ने बॉलीवुड में फिल्म पत्रकारों की एक लंबी लिगेसी छोड़ी है, जानिए कौन-कौन?

यह विदित सत्य है कि 'मायापुरी' फिल्म पत्रिका चाहे प्रिंट में रही हो या ऑनलाइन पोर्टल, इसकी ख्याति हर सिनेमा कर्मी के मुँह से सुनी जा सकती है। छोटे-बड़े सभी फिल्मकार, कलाकार, संगीतकार, तकनीशियन 'मायापुरी' में छपने की आकांक्षा पाले रहते हैं। यह श्रेय जाता है पब्लिकेशन के नेतृत्व कर्ता प्रमोद बजाज और अमन बजाज को। स्व. ए पी बजाज (संस्थापक) के कार्य को आगे बढ़ाते हुए प्रमोद बजाज (पी के बजाज) साहब ने 'मायापुरी' और 'लोटपोट' पत्रिका को जन-जन तक पहुँचाने का काम किया है। आदरणीय पी के बजाज-जिनका निधन हाल ही में हुआ है, अपने स्टाफ के बीच 'बाबूजी' नाम से जाने जाते रहे।

2 mins

श्रद्धांजलिः प्रमोद कुमार बजाज फिल्मी सितारों को चमक देनेवाला शख्स, जो खुद सादगी में रहा...

आज से लगभग 40 साल पहले की बात है। यूं तो मैंने स्वतंत्र पत्रकार के रूप में फिल्म पत्रकारिता के क्षेत्र में 1982 से ही काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन जनवरी 1986 या 1987 की बात होगी। मैंने मुंबई के चांदिवली स्टूडियो में एक फिल्म के सेट पर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का इंटरव्यू किया था। उसके दो दिन बाद ही मेरा दिल्ली में अपने मित्र स्व. रघुनंदन शर्मा के यहां जाना हुआ। उन दिनों मेरे मित्र स्व. रघुनंदन शर्मा 'दिल्ली बिजली विभाग' में नौकरी करने के साथ ही एक त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका 'कजरारी' प्रकाशित किया करते थे। दूसरे दिन मेरे मित्र अपने ऑफिस जा रहे थे। उन दिनों उनकी ड्यूटी 'मायापुरी' इलाके में स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में थी। अपने मित्र के कहने पर मैं उनके साथ उनके ऑफिस चला गया। मित्र के ऑफिस यानी कि बिजली विभाग के ऑफिस से पहले ही 'मायापुरी' के एस.एल. प्रकाशन का ऑफिस था। मेरे मित्र ने बताया कि यहीं से 'मायापुरी' फिल्म पत्रिका प्रकाशित होती है। अपने मित्र के ऑफिस पहुंचने के बाद मैंने अपने मित्र से पूछकर 'मायापुरी' के ऑफिस पहुंच गया। कंपाउंड में बनी इमारत में चंद सीढ़ियां चढ़कर मैं अंदर पहुंचा और एक कमरानुमा कैबिन में झांका तो वहां पर लंबी टेबल के पीछे तीन लोग अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे। मैंने कहा कि मुझे संपादक जी से मिलना है। किनारे की कुर्सी पर बैठे शख्स ने मुझे बुलाकर बैठने के लिए कहा। फिर उसी ने बातचीत शुरू की। इसी बीच बिना पूछे मेरे लिए चाय व पानी भी आ गया। जब मैं 'मायापुरी' में लिखने की अपनी इच्छा जाहिर की, तो बीच वाली कुर्सी पर बैठे शख्स ने पूछ लिया, 'कोई इंटरव्यू किया है या कोई लेख लिखकर लाए हो।' मैंने उनसे कहा कि, 'मैंने दिल्ली आने से पहले शत्रुघ्न सिन्हा का इंटरव्यू किया है, जिसे अभी तक लिखा नहीं।' मेरी बात सुनते ही उनके बगल में बैठे तीसरे शख्स ने कहा, 'अच्छा... शत्रुघ्न सिन्हा से किस बारे में बात की।' मैंने कुछ चीजें बताईं। उन्होंने कहा कि बहुत अच्छी बात है। फिर बीच वाली कुर्सी पर बैठे शख्स ने कहा कि, 'ठीक है, लिखकर भेज देना। हम देखेंगे। अच्छा होगा तो छपेगा।' उसके बाद जब मैं ऑफिस से वापस आना चाहा तब उसने कहा कि, 'रुकिए, नाश्ता मंगवा रहे हैं, नाश्ता करके जाइएगा।'

6 mins

राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले पर तोड़ी चुप्पी, कहा – जीवन भर नहीं उतार पाउंगा कर्जा

हाल ही में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले को लेकर सुर्खियों में रहे। इस मामले में उन्हें 13 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। हालांकि, 17 फरवरी को जमानत मिलने के बाद वह रिहा हो गए और अब दोबारा अपने काम पर लौट आए हैं। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' और पॉपुलर फ्रेंचाइज 'वेलकम टू द जंगल' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है।अब तक उन्होंने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन रिहाई के बाद मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने खुलकर अपना पक्ष रखा और पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई दी।

7 mins

आजादी से पहले की पीरियड ड्रामा के लिए सई मांजरेकर को छोड़नी पड़ी पुरानी आदतें

आजकल के दौर में जब हर कोई भागदौड़ वाली फिल्मों में बिजी है वहीं एक्ट्रेस सई एम मांजरेकर एक ऐसी दुनिया में कदम रखने जा रही हैं जो आज के समय से बिल्कुल अलग है। सई अपनी आने वाली एक पीरियड ड्रामा फिल्म के लिए तैयारी कर रही हैं जो आजादी से पहले के समय यानी प्री-इंडिपेंडेंस एरा पर आधारित है। सई के लिए यह फिल्म उनके करियर का एक बहुत बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। इसके लिए उन्हें जिस तरह की तैयारी करनी पड़ रही है वैसा अनुभव उन्हें पहले कभी नहीं मिला। सई खुद मानती हैं कि इस रोल में ढलने की पूरी प्रक्रिया बहुत ही गंभीर, गहरी और थका देने वाली है पर साथ ही यह उनके लिए बहुत नया और रोमांचक भी है।

2 mins

बॉलीवुड और नारी शक्तिः एक नई सोच और बदलता सिनेमा

आज के दौर में जब हम 'वूमेंस डे' यानी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बात करते हैं, तो बॉलीवुड की चमक धमक के पीछे छिपी उन अनगिनत महिलाओं की आवाजें सुनाई देती हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और जिद्द से समाज की बरसों पुरानी सोच को बदल कर रख दिया है। भारतीय सिनेमा, जिसे हम बॉलीवुड के नाम से जानते हैं, वह केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि हमारे समाज का आईना भी है। पिछले कई दशकों में इस आईने में महिलाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहाँ फिल्मों में हीरोइन का काम सिर्फ हीरो के पीछे नाचना, सुंदर दिखना या मुसीबत पड़ने पर रोना होता था, आज वही महिलाएं अपनी फिल्मों को अपने दम पर बॉक्स ऑफिस पर हिट करा रही हैं और दुनिया भर में भारत का नाम रोशन कर रही हैं।

4 mins

व्यस्त दिनचर्या और शांत शामों के बीच सोनी सब के कलाकार संतुलन और सुकून के लिए खाना बनाने का सहारा लेते हैं

लंबे शूटिंग घंटे और पैक्ड शेड्यूल एक्टर की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा होते हैं। लेकिन कैमरे की रोशनी और स्क्रिप्ट से परे, कई कलाकारों को सबसे ज़्यादा सुकून एक बेहद साधारण चीज़ से मिलता है कुकिंग। किसी के लिए यह रिलैक्स करने का तरीका है, तो किसी के लिए क्रिएटिव आउटलेट। और कुछ के लिए किचन धीरे-धीरे उनकी फेवरेट जगह बन गई है, जहाँ वे खुद को अनवाइंड करते हैं। सोनी सब के कलाकार अक्षया हिंदालकर, ऋषि सक्सेना और अविनेश रेखी स्क्रीन पर किरदारों को ज़िंदा करते हैं, लेकिन ऑफ-स्क्रीन वे फ्लेवर के साथ एक्सपेरिमेंट करना, फैमिली रेसिपी दोबारा बनाना और ऐसे खाने तैयार करना पसंद करते हैं जो उनकी पर्सनैलिटी को दर्शाता है।

1 mins

Mayapuri Description:

A film weekly with a pan Indian presence Mayapuri has enthralled Bollywood lovers for four decades.Gossip, interviews, new releases, film reviews Mayapuri has all what it takes to be the most popular Hindi film magazine. Bringing in the latest Bollywood happenings Mayapuri keeps the readers updated. Cover stories add a hot and happening flavor and interviews give a sneak peek into the lives of superstars. Forthcoming films feature as a prominent segment to let the Bollywood lover know what's next on the big screen and reviews tell if the film was a Block Buster or a Block Busted! So get your share of Bollywood with Mayapuri every week!

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