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Vivek Jyoti - January 2025

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Vivek Jyoti
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Vivek Jyoti Description:

भारत की सनातन वैदिक परम्परा, मध्यकालीन हिन्दू संस्कृति तथा श्रीरामकृष्ण-विवेकानन्द के सार्वजनीन उदार सन्देश का प्रचार-प्रसार करने के लिए स्वामी विवेकानन्द के जन्म-शताब्दी वर्ष १९६३ ई. से ‘विवेक-ज्योति’ पत्रिका को त्रैमासिक रूप में आरम्भ किया गया था, जो १९९९ से मासिक होकर गत 60 वर्षों से निरन्तर प्रज्वलित रहकर यह ‘ज्योति’ भारत के कोने-कोने में बिखरे अपने सहस्रों प्रेमियों का हृदय आलोकित करती रही है । विवेक-ज्योति में रामकृष्ण-विवेकानन्द-माँ सारदा के जीवन और उपदेश तथा अन्य धर्म और सम्प्रदाय के महापुरुषों के लेखों के अलावा बालवर्ग, युवावर्ग, शिक्षा, वेदान्त, धर्म, पुराण इत्यादि पर लेख प्रकाशित होते हैं ।

आज के संक्रमण-काल में, जब भोगवाद तथा कट्टरतावाद की आसुरी शक्तियाँ सुरसा के समान अपने मुख फैलाएँ पूरी विश्व-सभ्यता को निगल जाने के लिए आतुर हैं, इस ‘युगधर्म’ के प्रचार रूपी पुण्यकार्य में सहयोगी होकर इसे घर-घर पहुँचाने में क्या आप भी हमारा हाथ नहीं बँटायेंगे? आपसे हमारा हार्दिक अनुरोध है कि कम-से-कम पाँच नये सदस्यों को ‘विवेक-ज्योति’ परिवार में सम्मिलित कराने का संकल्प आप अवश्य लें ।

Dans ce numéro

1. धर्म को बिना हानि पहुँचाये जनता की उन्नति : विवेकानन्द ६ 2. वर्तमान युवाओं हेतु स्वामी विवेकानन्द का सन्देश (स्वामी शुद्धिदानन्द) ११ 3. स्वामी विवेकानन्द की प्रखर राष्ट्रीय चेतना (उत्कर्ष चौबे) १५ 4. माँ त्वं ही तारा और स्वामी विवेकानन्द (डॉ. अन्वय मुखोपाध्याय) २१ 5. (बच्चों का आंगन) विवेकानन्द के जन्म-दिवस मकर-संक्रान्ति की वैज्ञानिकता का जन-जीवन में प्रभाव (श्रीमती मिताली सिंह) २५ 6. स्वामी विवेकानन्द और महात्मा गाँधी (स्वामी सत्यरूपानन्द) २६ 7. आधुनिक भारत को स्वामी विवेकानन्द का योगदान (डॉ. महेश प्रसाद राय) २८ 8. (युवा प्रांगण) युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानन्द (स्वामी गुणदानन्द) ३१ 9. स्वामी विवेकानन्द का संस्कृत-विद्या में पाण्डित्य (डॉ. राजेश सरकार) ३४ 10. (कविता) भारत के तुम अनुपम गौरव (डॉ. ओमप्रकाश वर्मा), जय हे स्वामी विवेकानन्द (डॉ. अनिल कुमार ‘फतेहपुरी’) १० 11. (कविता) मन चंचल है वश में कर ले (केयूरभूषण), परम धन्य वह जीव है (भानुदत्त त्रिपाठी, ‘मधुरेश') ३९

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