Versuchen GOLD - Frei
गर्मियों के लिए स्वास्थ्य-हितकारी बातें
Rishi Prasad Hindi
|May 2025
गर्मियों के लिए उत्तम पेय
-
ग्रीष्म ऋतु में शरीर के जलीय अंश के साथ बल भी कम हो जाता है। जल की पूर्ति के लिए एवं शरीर को ठंडा व ऊर्जावान रखने हेतु शीतल पदार्थों के साथ स्निग्ध पदार्थों की भी जरूरत रहती है। पूर्वकाल में लोग धूप में घर से निकलते समय या घर आने के बाद गुड़ मिलाया हुआ पानी पीते थे जिससे शरीर के जलीय एवं स्निग्ध अंश - दोनों की पूर्ति सहज में हो जाती थी। गर्मियों में मीठे पदार्थ, जैसे - मिश्री मिलाया दूध, जौ और चने का सत्तू, ताजे मीठे फलों का रस, आम का पना, गुलकंद*, पलाश शरबत*, गुलाब शरबत * तथा ब्राह्मी शरबत* का सेवन हितकारी है। कभी-कभी अल्प मात्रा में श्रीखंड का सेवन भी कर सकते हैं। श्रीखंड रस-रक्तादि धातुओं के साथ बल को भी बढ़ाता है।
Diese Geschichte stammt aus der May 2025-Ausgabe von Rishi Prasad Hindi.
Abonnieren Sie Magzter GOLD, um auf Tausende kuratierter Premium-Geschichten und über 9.000 Zeitschriften und Zeitungen zuzugreifen.
Sie sind bereits Abonnent? Anmelden
WEITERE GESCHICHTEN VON Rishi Prasad Hindi
Rishi Prasad Hindi
सांस्कृतिक सम्पत्ति-विनाशक विकास-कार्यों से सांस्कृतिक सम्पत्ति की सुरक्षा होनी चाहिए : यूनेस्को
योगी अरविंदजी कहते थे : ''जब यह कहा जाता है कि भारत विस्तार करेगा और अपने को व्यापक बनायेगा तब उसका अर्थ यह है कि सनातन धर्म स्वयं का विश्व में विस्तार और फैलाव करेगा।
3 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अद्भुत है भगवत्कथा-सत्संग की महिमा
कथा त्रिवेणी संगम... ... नेणे वर्णं या सुखां ॥
1 min
April 2026
Rishi Prasad Hindi
इसमें हानि-लाभ किसका ?
यह संक्षिप्त जीवन-चरित्र है उनका जिन्हें विश्व संत श्री आशारामजी बापू के नाम से जानता है ।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
इन ६ गलतियों से बचेंगे तो स्वास्थ्य में लगेंगे ४ चाँद व छक्के
भोजन के बाद पेट का भारी होना, अफरा (गैस), अम्लपित्त (हाइपर एसिडिटी), पाचन ठीक से न होना आदि समस्याओं से यदि आप परेशान हैं तो हो सकता है आप भी ये गलतियाँ कर रहे हों जो अधिकांश लोग अनजाने में करते हैं।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अद्वितीय वैश्विक क्रांति का जन्म
संतत्व को पाये हुए अपने शिष्य को साँईं लीलाशाहजी ने डीसा में एक कुटीर में रहने की आज्ञा दी ।
1 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
महान लक्ष्य और हिमालय-सी अडिगता
इन बालक का भगवद्भक्ति की और गहरा झुकाव था। खेलने-कूदने की उम्र में ये घंटों तक ईश्वर के ध्यान, चिंतन में तल्लीन हो जाते ।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अर्धांगिनी की धर्मशक्ति
जो स्वार्थरहित सेवा करते हैं, भगवान और समाज के बीच सेतु बनते हैं वे कर्मयोगी हो जाते हैं ।
3 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
किया हुआ सत्संग व्यर्थ नहीं जाता
एक शिष्य रहता था गुरुजी के पास।
1 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
विलक्षण दूरदर्शिता
आज राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर ऐसी कई समस्याएँ हैं जिनको बड़ी चुनौती समझा जा रहा है अथवा कुछ ऐसी हैं कि गम्भीर होते हुए भी जिनका संज्ञान ही नहीं लिया जा रहा है, उनका प्रायोगिक एवं सशक्त समाधान इन संत ने वर्षों पूर्व ही दे दिया था।
4 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
१००० मेहमानों को दिलायी ऋषि प्रसाद की पंचवार्षिक सदस्यता
उपहार में दिया दिव्य ज्ञान
1 min
April 2026
Listen
Translate
Change font size

