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तरक्की के द्वार खोलता है पुष्कर नवांशस्थ ग्रह

Jyotish Sagar

|

December-2024

नवांश से सम्बन्धित 'वर्गोत्तम' अवधारणा से तो आप भली भाँति परिचित ही हैं। इसी प्रकार की एक अवधारणा 'पुष्कर नवांश' है।

तरक्की के द्वार खोलता है पुष्कर नवांशस्थ ग्रह

ग्रहों की नवांश आधारित शुभाशुभता से सम्बन्धित एक महत्त्वपूर्ण अवधारणा है 'पुष्कर नवांश'। हालाँकि उत्तर भारत के ग्रन्थों में इसका बहुत अधिक उल्लेख देखने को नहीं मिलता, परन्तु दक्षिण भारत के ग्रन्थों में और विशेष रूप से नाड़ी ग्रन्थों में पुष्कर नवांश को नवांश आधारित अवधारणाओं में प्रमुख रूप से प्रतिपादित किया गया है। यहाँ यह जानना भी जरूरी है कि यह अवधारणा 'पुष्करांश' से भिन्न है। पुष्करांश में राशि विशेष के कुछ अंश पुष्कर संज्ञक कहे जाते हैं, परन्तु पुष्कर नवांश एक भिन्न अवधारणा है जो नवांश पर आधारित है। इसमें प्रत्येक राशि में दो-दो नवांश पुष्कर संज्ञक कहे गए हैं। इसकी परिभाषा करते हुए विद्यामाधवीयम् में लिखा गया है कि-

मेष, सिंह एवं धनु राशि में सप्तम एवं नवम नवांश,

वृषभ, कन्या एवं मकर राशि में तृतीय और पंचम नवांश,

मिथुन, तुला एवं कुम्भ राशि में षष्ठ और अष्टम नवांश

कर्क, वृश्चिक और मीन राशि में प्रथम एवं तृतीय नवांश

पुष्कर संज्ञक नवांश होते हैं।

मेष, सिंह एवं धनु राशियों में सप्तम नवांश तुला का और नवम नवांश धनु का होता है। यदि कोई ग्रह मेष, सिंह अथवा धनु राशि में स्थित है और वह तुला या धनु नवांश में है, तो वह पुष्कर नवांश में होगा। इसी प्रकार वृषभ, कन्या और मकर राशियों में तीसरा नवांश मीन का और पाँचवाँ नवांश वृषभ का होता है। यदि कोई ग्रह वृषभ, कन्या या मकर राशि में और मीन या वृषभ नवांश में है, तो वह पुष्कर नवांश में होगा। जहाँ तक मिथुन, तुला और कुम्भ राशियों का प्रश्न है, तो उनमें छठा और आठवाँ नवांश क्रमशः मीन और वृषभ का होता है। इस प्रकार यदि ग्रह मिथुन, तुला या कुम्भ राशि में स्थित है और मीन या वृषभ नवांश में है, तो वह पुष्कर नवांश में होगा। कर्क, वृश्चिक एवं मीन राशियों में स्थित ग्रह यदि कर्क या कन्या नवांश में स्थित है, तो वह भी पुष्कर नवांश में होगा। इस प्रकार कुल 24 नवांश पुष्कर संज्ञक हैं। वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, धनु और मीन नवांश ही पुष्कर नवांश होते हैं। मिथुन को छोड़कर सौम्य ग्रहों के नवांश ही पुष्कर नवांश माने गए हैं। सूर्य, मंगल एवं शनि के नवांश पुष्कर नवांश नहीं होते। सर्वाधिक शुभ ग्रह गुरु और शुक्र हैं और इनके नौ-नौ नवांश पुष्कर संज्ञक हैं।

कैसे करें पुष्कर नवांश से फलकथन ?

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