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रक्षाबन्धन महान् घटनाओं का संगम दिवस!
Jyotish Sagar
|August 2023
देवों और दानवों के युद्ध में जब देवता हारने लगे, तब वे देवराज इन्द्र के पास गए। देवताओं को भयभीत देखकर इन्द्राणी (देवराज इन्द्र की पत्नी) ने उनके हाथों में रक्षासूत्र बाँध दिया।
पौराणिक कहानियों में रक्षा-सूत्र का इस्तेमाल ऐसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किया जाना बताया गया है, जो धार्मिक पहचान से ऊपर और परे हैं। रक्षाबन्धन की उन महान् घटनाओं पर एक नजर:
राखी का देव-दानव प्रसंग
मान्यता है कि देवों और दानवों के युद्ध में जब देवता हारने लगे, तब वे देवराज इन्द्र के पास गए। देवताओं को भयभीत देखकर इन्द्राणी (देवराज इन्द्र की पत्नी) ने उनके हाथों में रक्षासूत्र बाँध दिया। इससे देवताओं का आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने दानवों पर विजय प्राप्त की। तभी से राखी बाँधने की प्रथा शुरू हुई।
कृष्ण-द्रौपदी का वृत्तान्त
Diese Geschichte stammt aus der August 2023-Ausgabe von Jyotish Sagar.
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