विदेश नीति में 'स्टैंड' लेने का वक्त
Haribhoomi Bilaspur
|June 29, 2025
चीन के किंगदाओ (चिंगदाओ) शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का शिखर सम्मेलन 25 और 26 जून को आयोजित किया गया। एससीओ सम्मेलन में चीनी नेतृत्व में तैयार संयुक्त वक्तव्य में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र नहीं होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
नतीजा यह हुआ कि एससीओ का संयुक्त घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका। लेकिन इस सबमें जहां आतंकवाद को लेकर चीन का दोगलापन व पाक प्रेम फिर से उजागर हुआ, वहीं भारत का कड़ा रुख सामने आया। भारत ने चीन व पाकिस्तान समेत एससीओ सदस्य देशों को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ नई दिल्ली की जीरो टॉलरेंस की नीति है और एससीओ अपने लक्ष्य से विमुख नहीं हो सकता है। एससीओ की प्रस्तावना में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट लड़ाई की बात है। सबसे हैरान करने वाली बात है कि वो रूस एससीओ के चीनी संयुक्त घोषणा पत्र में भारतीय हितों की अनदेखी पर चुप रहा, जिसने इस समूह में भारत को शामिल कराने के लिए वकालत की थी। अभी भारत व पाक के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान भी अमेरिका व रूस के आचरण भारत की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं रहे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत की विदेश नीति ठहर गई है? आजकल के ताजा अंक में पेश है एक विश्लेषण...
चीन के किंगदाओ (चिंगदाओ) नगर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का एक शिखर सम्मेलन 25 और 26 जून को आयोजित किया गया। एससीओ सम्मेलन में सदस्य देशों द्वारा एक संयुक्त वक्तव्य तैयार किया गया। संयुक्त वक्तव्य का मकसद निरूपित किया गया कि एससीओ देशों में संयुक्त सुरक्षा प्रबंधन, परस्पर आर्थिक सहयोग और वैश्विक आतंकवाद के विरुद्ध एक संयुक्त और कारगर रणनीति का ऐलान करना है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा जब तैयार किए गए संयुक्त वक्तव्य दस्तावेज की बाकायदा समीक्षा की गई तो उसको स्पष्टतया प्रतीत हुआ कि संयुक्त वक्तव्य दस्तावेज को अत्यंत पक्षपातपूर्ण और असंतुलित तौर से तैयार किया गया है। भारत के मुताबिक इस दस्तावेज में 11 मार्च को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जफर एक्सप्रेस के अपहरण कांड की वारदात का एक आतंकवादी वारदात के तौर पर बाकायदा उल्लेख किया गया है, लेकिन विगत 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में यात्रियों पर अंजाम दिए गए नृशंस आतंकवादी आक्रमण को पूरी तरह से नजरअंदाज करके उसे एकदम दरकिनार कर दिया गया है।
संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर से इनकार
Diese Geschichte stammt aus der June 29, 2025-Ausgabe von Haribhoomi Bilaspur.
Abonnieren Sie Magzter GOLD, um auf Tausende kuratierter Premium-Geschichten und über 9.000 Zeitschriften und Zeitungen zuzugreifen.
Sie sind bereits Abonnent? Anmelden
WEITERE GESCHICHTEN VON Haribhoomi Bilaspur
Haribhoomi Bilaspur
विपक्षी एकता पर भारी कांग्रेस-आप टकराव
सं सद के मानसून सत्र से ठीक पहले आप का 'इंडिया' गठबंधन से अलगाव बताता है कि भाजपानीत राजग के चुनावी मुकाबले के बड़े लक्ष्य के साथ हुई विपक्षी एकता परस्पर दलगत हितों के टकराव के ग्रहण से नहीं बच पा रही।
4 mins
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
ज्ञान धारा में शिक्षकों का सम्मान, सम्मानित करने मंच से नीचे आए मुख्यमंत्री साय
हॉल उस वक्त तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब दिव्यांग शिक्षिका के. शारदा को सम्मान प्रदान करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित सभी मंत्री मंच से नीचे उतर आए।
1 min
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
8.8 भूकंप के बाद 450 साल से सोया ज्वालामुखी फटा, आसमान में मचा कहर
मास्को। रूस के सुदूर कामचटका क्षेत्र में मौजूद क्राशेनीनिकोव 450 सालों से शांत ज्वालामुखी अचानक फट पड़ा है।
1 mins
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
सात शीर्ष कंपनियों का बाजार मूल्यांकन 1.35 लाख करोड़ रुपए घटा
एजेंसी । नई दिल्ली देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में सात का संयुक्त बाजार मूल्यांकन पिछले हफ्ते 1.35 लाख करोड़ रुपए घट गया।
1 min
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
नेशनल बैंक ओपन : विक्टोरिया ने कोको गॉफ को हराकर किया उलटफेर, पोपिरिन क्वार्टर फाइनल में
कनाडा की युवा खिलाड़ी विक्टोरिया एमबोको ने शीर्ष वरीय कोको गॉफ को हराकर उलटफेर करते हुए नेशनल बैंक ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
1 mins
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक आकर्षक स्थल, ट्रपं का बयान गलत : मानुमूर्ति
भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक आकर्षक स्थल है और पिछले तीन साल से सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का भारत की अर्थव्यवस्था को 'मृत' बताना 'बिल्कुल गलत' है।
1 min
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
टेक्नोलॉजी जितनी भी आगे बढ़ जाए रोटी गूगल से नहीं निकल सकती
शिक्षा संवाद 2025 में मंथन के दौरान शंकराचार्य इंस्टिट्यूट के चेयरमैन आईपी मिश्रा ने कहा, संसार में सब सो रहे हैं, जो परमार्थी है केवल वे ही जाग रहे हैं।
1 min
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
डिग्रियां अब जरूरी नहीं, कौशल मेहनत हो तो कमा सकते हैं करोड़ों
एमबीए जैसी डिग्रियां सिर्फ चोचलेबाजी है। वर्तमान में यू- ट्यूबर भी करोड़ों कमा लेते हैं।
1 min
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
2000-500 की गड्डियों का ढेर, पैसा गिनते दिखे पूर्व विधायक के खास
आंध्र प्रदेश शराब घोटाला मामले में पैसों की गड्डियां का ढेर सामने आया है।
1 mins
August 04, 2025
Haribhoomi Bilaspur
सरकार ने तय किए नए दाम सस्ती होंगी 37 जरूरी दवाएं!
केंद्र सरकार ने 37 जरूरी दवाओं और उनके फॉर्मूलेशंस के लिए खुदरा मूल्य तय कर दिए हैं।
1 mins
August 04, 2025
Listen
Translate
Change font size

